खुद को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य बताकर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करने और भड़काऊ नारेबाजी करने वाले संदिग्ध मदरसा छात्र के मोबाइल में पाकिस्तान के कई मोबाइल नंबर हैं। इन नंबरों के खुलासे के बाद पुलिस अब उसकी सीडीआर(कॉल डिटेल रिपोर्ट) खंगालने में जुट गई है।
पूरी रात चली सघन पूछताछ में उसने साफ कहा कि ‘पढ़ाई पूरी करने के बाद जेहादी बनूंगा’। सोमवार को पुलिस ने उसके परिजनों से भी मोबाइल पर बात की। इसके अलावा उससे कई खुफिया एजेंसियों ने भी गहन पूछताछ की। बताया जा रहा है कि एटीएस की टीम भी उससे पूछताछ कर सकती है।
दो दिन पूर्व पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन कर खुद को पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य बताने वाला असद नोमान जेहादी वेस्ट बंगाल के लल्दिया जनपद के लक्खीपुर गांव का रहने वाला है।
हाफिज सईद और मौलाना अजहर महमूद से बेहद प्रभावित
रविवार की रात उससे अधिकारियों से गहनता से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह जेहादी बनना चाहता है और पढ़ाई पूरी करने के बाद जेहादी बनेगा। वह पुलिस अधिकारियों के सामने बोला, बेगुनाह मुसलमानों का कत्ल किया जा रहा है, जिससे मैं बेहद आहत हूं। इसलिए पढ़ाई पूरी करने के बाद जेहादी बनकर कौम की खिदमत करूंगा। उसने कुबूल किया कि वह मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद और मौलाना अजहर महमूद से बेहद प्रभावित है।
उनके बयानात (भाषणों) की वीडियो देखने के बाद ही उसके मन में जेहादी बनने का ख्याल आया। पुलिस की पड़ताल में उसके मोबाइल से पाकिस्तान के नंबर मिले। हालांकि उसने पुलिस को बताया है कि यह मोबाइल नंबर उसने इंटरनेट से उठाए हैं। उसे भी पता नहीं कि यह नंबर किसके हैं। सिर्फ दोस्तों को दिखाने के लिए उसने मोबाइल में पाक के नंबरों को सेव किया था।
बैठे-बैठे उसके दिमाग में शैतानी आई
अधिकारी असद नोमान के मोबाइल से मिले नंबरों की गहनता से जांच पड़ताल कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि शुरू में शक हुआ था कि असद नोमान कहीं बांग्लादेशी तो नहीं है, लेकिन फोन पर उसके परिजनों से बात होने के बाद यह साफ हो गया कि वह वेस्ट बंगाल का ही रहने वाला है।
कंट्रोल रूम में फोन करने के संबंध में असद ने बताया कि बैठे-बैठे उसके दिमाग में शैतानी आई और परेशान करने के मकसद से उनसे 100 नंबर डायल कर दिया। करीब 20 साल के असद नोमान को रविवार की सुबह देवबंद के मोहल्ला खानकाह से गिरफ्तार किया गया था। नोमान के अनुसार वह दाखिले के लिए आया था, लेकिन अभी तक किसी मदरसे में उसे दाखिला नहीं मिला।
आतंकियों का पहनागार रहा है सहारनपुर
करीब 11 महीने पहले इंडियन मुजाहिद्दीन के सक्रिय सदस्य एजाज सईद शेख को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन से दबोचा था। उसने खुलासा किया था वह स्लीपर सेल की तलाश में यहां आया था। इससे पहले एक आतंकी को मुक्त कराने के लिए चार आस्ट्रेलियन नागरिकों का अपहरण कर उन्हें सहारनपुर में रखा गया था।
हालांकि गाजियाबाद पुलिस ने यहां आकर उन्हें मुक्त कराया था। इसके अलावा कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें आतंकी गतिविधियों में सहारनपुर का नाम जुड़ता रहा। पुराने इतिहास को ध्यान में रखते हुए पुलिस पूरे मामले में गोपनीयता और सतर्कता बरत रही है।
नितिन तिवारी एसएसपी ने कहा कि पकड़े गए छात्र से गहनता से पूछताछ की जा रही है। जिस सिम का इस्तेमाल वह कर रहा है वह फर्जी आईडी पर लिया गया है। इसके अलावा उसने डराने की नीयत से अफवाह फैलाने की कोशिश की है। इसके अलावा और कोई बात सामने नहीं आई है। पूरे मामले में जांच जारी है।