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अध्यादेश में बलात्कार रोकने के लिए कड़े प्रावधान

Mon, 04 Feb 2013 10:42 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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हाल ही में लागू किए गए अध्यादेश में बलात्कार को रोकने के लिए कानून को कड़ा करते हुए अब प्रावधान किया गया है कि यदि यौन हिंसा के कारण आयी चोटों से पीड़ित महिला की मौत हो जाती है या वह हमेशा के लिए निष्क्रियता की हालत में पहुंच जाती है तो आरोपी को फांसी की सजा दी जा सकेगी।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी मिलने के बाद यह पूरे देश में लागू किया जा चुका है। इसके अलावा यदि अलगाव के दौरान अपनी पत्नी से बिना सहमति के पति सेक्स करता है तो इसकी सजा अब बढ़कर सात साल तक हो गई है।

इस अध्यादेश में धारा 376 की उपधारा एक व दो में बदलाव किया है कि यदि बलात्कार के दौरान आयी चोटों के कारण पीड़ित की मौत होती है या वह हमेशा के लिए निष्क्रिय हालत में पहुंच जाती है तो ऐसे मामले में कम से कम 20 साल का सश्रम कारावास दिया जाएगा जो कि बढ़ाकर अपराधी के स्वाभाविक जीवन के अंत या मौत तक के लिए किया जा सकेगा। बलात्कार चाहे एक व्यक्ति ने किया हो या कि कई ने मिलकर, यह सजाएं सभी पर लागू होंगी। इसके अलावा पीड़ित को मुआवजा भी दिलाया जा सकेगा।
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इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि तेजाब फेंक कर किसी को स्थाई या आंशिक नुकसान पहुंचाया गया तो कम से कम 10 साल की जेल होगी जो कि पूरे जीवन के लिए कैद तक बढ़ायी जा सकेगी और इसके साथ 10 लाख रुपए तक का जुर्माना किया जा सकेगा। दोबारा गैंगरेप करने पर पूरे जीवन के लिए कैद की सजा दी जाएगी यानी कि मौत होने तक ऐसा अपराधी जेल में रहेगा।

यदि यौन उत्पीड़न का केस धारा 376 (रेप) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा तो अपराधी को कम से कम सात साल का सश्रम कारावास दिया जाएगा जो कि पूरे जीवन के लिए बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही जुर्माना लगाया जा सकेगा। यदि कोई पुलिस कर्मी या सशस्त्र बल का कर्मचारी अथवा लोक सेवक यौन उत्पीड़न करता है तो कम से कम 10 साल का सश्रम कारावास होगा जो कि जुर्माना समेत पूरे जीवन भर के कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

सरकार ने महिलाओं का पीछा करने व घूरने पर भी सजा का प्रावधान किया है। किसी महिला को गलत नीयत से छूने या कि उससे सेक्स की इच्छा जाहिर करने पर पांच साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।

इस अध्यादेश में कहा गया है कि मानव तस्करों को कम से कम सात साल और अधिकतम 10 साल की सजा दी जाएगी। साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। इसी प्रकार नाबालिगों की तस्करी में एक बार से ज्यादा बार पकड़े जाने पर अपराधी को पूरे जीवन तक कैद की सजा दी जा सकेगी। ऐसे नाबालिग को नौकरी पर रखने पर कम से कम पांच साल की सजा होगी जो कि सात साल तक बढ़ाई जा सकेगी। साथ में जुर्माना भी किया जा सकेगा।
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