राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके जिंदा रहते ही राम मंदिर बन जाए।
भागवत के इस बयान पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने भगवान राम को पार्टी का सदस्य बना दिया है। पार्टी भगवान राम और उनके नाम का ऐसा उपयोग करती है जैसे कि वो उनके पार्टी के सदस्य हों।
कुछ लोगों की राम के प्रति श्रद्धा नहीं है वे बस उनके नाम का मुद्दा बना कर उसे जिंदा रखना चाहते हैं। नीतीश ने कहा कि सभी लोग जानते हैं अयोध्या मामले का हल आपसी बातचीत या फिर अदालती फैसले से होगा। जिसके लिए लोगों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। लेकिन लोगों की भावना को लेकर उसे मुद्दे के रूप में जिंदा रखना ही कुछ लोगों का काम है।
छः दिसंबर को भागवत के नाम पर मातम!
मंदिर मुद्दे पर महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कहा कि बात तो सब करते हैं
लेकिन मन कब बनेगा इसकी तारीख कोई नहीं बताता है। कांग्रेस नेता दिग्विजय
सिंह ने कहा कि ये लोग मंदिर के मुद्दे को बांटने के लिए जुमले की तरह
इस्तेमाल करते हैं।
वहीं अयोध्या में संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर
बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार हाशिम अंसारी ने पलटवार किया है।
भागवत के
अयोध्या में मंदिर बनाने के बयान पर भड़के हाशिम ने उन्हें ऐसा करने की
चुनौती दी है। अंसारी का कहना है कि छह दिसंबर को मोहन भागवत के नाम पर
मातम मनाएंगे।
ये कहा था भागवत ने
भड़के हाशिम अंसारी ने ये कहा कि अगर दम है तो मोहन भागवत
अयोध्या आएं और आकर मंदिर का निर्माण करें।
बताते चलें कि मोहन भागवत ने
बुधवार को कोलकाता में हुए एक कार्यक्रम में राम मंदिर बनाने की बात कही
थी। उन्होंने कहा, उम्मीद करता हूं कि ये लक्ष्य मेरे जीवन में ही पूरा हो
जाए।
मैं चाहता हूं कि मैं इसे होता देख सकूं। उन्होंने ये भी कहा कि मंदिर
निर्माण के लिए हर बलिदान के लिए तैयार रहना होगा। बता दें कि विश्व हिंदू
के नेता अशोक सिंघल की श्रद्धांजलि सभा में भी मोहन भागवत ने अयोध्या में
मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया था।