कोयला घोटाले की आंच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चौखट तक पहुंच गई है। विशेष अदालत ने सीबीआई को कोयला घोटाले से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान दर्ज करने का आदेश दिया है।
मामले में आरोपी पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की भूमिकाओं की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
सीबीआई बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को कोयला खदान आवंटित करने में हुई अनियमितताओं की जांच कर रही है। केंद्र सरकार ने जब खदान आवंटित की थी, उस समय कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ही पास था।
हालांकि सीबीआई ने जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई और मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। लेकिन अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया।