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एक्सक्लूसिव: इन इलाकों में हर शख्स रडार पर

Thu, 22 Jan 2015 11:23 AM IST
अभिषेक शर्मा, शैलेश कुमार शुक्ल/अमर उजाला, अलीगढ़, आगरा, वाराणसी
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दहशतगर्दों के खतरे के दौर से जूझ रहे अपने देश में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दंपति का अगले सप्ताह दौरा प्रस्तावित है। वह अलीगढ़ जिले से होकर गुजरेंगे और पड़ोसी जनपद आगरा तक जाएंगे। इस दौरे को शांति पूर्वक ढंग से निपटाने के लिए समूचे एनसीआर और इससे सटे पश्चिमी यूपी के जिले में स्पेशल अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सबसे ज्यादा फोकस अलीगढ़ महानगर के उन तीन इलाकों पर है, जहां पूर्व में दहशतगर्दों की आवाजाही के निशान पाए गए हैं। इन तीन इलाकों के हर शख्स पर आईबी, इंटेलीजेंस सहित अन्य उच्च स्तरीय खुफिया एजेंसियों ने नजरें जमा रखी हैं। हर घर पर तीसरी नजर लगी हुई है। साथ ही 24 घंटे खुफिया स्पॉटर अजनबियों की निगरानी में लगे हैं।
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यह किसी से छिपा नहीं कि अपने महानगर के जकरिया मार्केट इलाके में एक मर्तबा पाकिस्तान से आई शॉल की गांठ में एके-47 पाई गई। उसी दौर में यहां शमशाद मार्केट इलाके में सिमी जैसे संगठन की स्थापना के साथ उसका मुख्यालय स्थापित हुआ। धौर्रा इलाके में दशहरा से एक दिन पहले बम पाए गए, जिनसे किसी बड़ी घटना को करने का अंदाजा उजागर हुआ था। कई मर्तबा आतंकियों की आवाजाही भी यहां से उजागर हुई है। ऐसे में अपने शहर को लेकर कुछ ज्यादा ही सतर्कता बरती जा रही है।

वजह है कि 27 जनवरी को बराक ओबामा दंपति आगरा आ रहे हैं। जरूरत पड़ने पर वह एक्सप्रेस वे के रास्ते से भी जा सकते हैं। चूंकि पुराने इनपुट हैं कि अक्सर आतंकी पड़ोसी जिले में ठहरकर ही किसी वारदात को अंजाम देते हैं। इसी के मद्देनजर महानगर के जमालपुर, सरसैयद नगर, धौर्रा इलाके में हर मकान और हर शख्स को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने रडार पर ले लिया है। इसके अलावा अन्य तैयारियों को लेकर डीआईजी मोहित अग्रवाल बताते हैं कि रेंज के सभी जिलों में आधा दर्जन स्पॉटर ऐसे अजनबियों की निगरानी में लगे हैं, जो शरीर की कदकाठी, भाषा, पहनावे आदि से अलग हैं। किरायेदारों पर निगरानी से लेकर हर तरह से स्पेशल अलर्ट घोषित किया गया है। एक्सप्रेस वे को लेकर कुछ इनपुट था, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एक-एक कंपनी पीएसी हर प्वाइंट पर तैनात कर दी गई है।
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चारों जिलों में अवकाश किए गए निरस्त
डीआईजी मोहित अग्रवाल ने इस मामले में रेंज के चारों जिलों में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं। उनके साफ निर्देश हैं कि उनके दौरे को सकुशल निपटने तक अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।

आगरा बनेगा दो देशों की ‘दोस्ती’ का गवाह

गणतंत्र दिवस पर शहर की सड़कों पर अमेरिका और भारत की दोस्ती की झलक देखने को मिलेगी। प्रमुख चौराहों पर दोनों देशों के झंडे लहराएंगे। अधिकारियों का कहना है कि 26 जनवरी को शहर के प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। इमारतों पर 25 जनवरी से ही लाइटिंग की जाएगी।

शहर में चौराहों को सजाने और सरकारी एवं गैर सरकारी भवनों पर आकर्षक विद्युत सजावट कराने का कार्यक्रम तो प्रशासन ने पहले ही तय कर लिया था। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर देश भक्ति के तराने बजाने का भी निर्णय लिया था। अब इसे और भव्य बनाने पर मंथन चल रहा है। दरअसल, अधिकारियों का मानना है कि शहर में अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां, उनके गुप्तचर, विदेश मंत्रालय, एंबेसी के लोग यहां डेरा डाल चुके हैं। शहर में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह पर भी नजर रखेंगे। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें शहर में देश भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दे। माना जा रहा है कि यहां डेरा डाले अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी 26 और 27 को शहर में वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी भी कर सकते हैं। प्रशासन ने बुधवार को शहर की संस्थाओं, कालेज प्रबंधकों, होटल संचालकों आदि के साथ बैठक कर सहयोग मांगा है।

कहां से लाएंगे अमेरिका के झंडे
संस्थाओं को पदाधिकारियों का कहना है कि लाइटिंग करना, चौराहे सजाने और देश भक्ति के तराने बजाने में उन्हें दिकक्त नहीं है। चारों ओर तिरंगा भी फहरा सकते हैं लेकिन सबसे अधिक परेशानी अमेरिका के झंडे को लेकर है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी झंडे कहां से लाएंगे। हालांकि इसका हल निकाला जा रहा है।

स्कूल के बच्चे भी करेंगे स्वागत
स्कूल के बच्चों को भी तिरंगा और अमेरिकी झंडों के साथ एयरपोर्ट से लेकर ताजमहल के रास्ते में और ताजमहल के आसपास खड़ा किया जा सकता है। फिलहाल अभी इस मामले में अंतिम निर्णय हुआ है।

ओबामा यात्रा: स्वाइन फ्लू के लिए ‘रैपिड रिस्पांस’

दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) की दस्तक से स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी कर रखा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की प्रस्तावित ताजमहल यात्रा ने चिंता और बढ़ा दी है। मंत्रालय से मिली गाइड पर एसएन मेडिकल कालेज में रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। आकस्मिक स्थिति के लिए वेंटिलेटर और अतिरिक्त चिकित्सकीय उपकरण रिजर्व रखे गए हैं।

बता दें कि सुअर इन्फ्लूएंजा, जिसे एच1एन1 या स्वाइन फ्लू भी कहते हैं। यह श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है। जो ए टाइप के इन्फ्लूएंजा से फैलती है। इसके उपचार के लिए मेडिसिन विभाग में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। रैपिड रिस्पांस टीम में मेडिसिन विभाग से नोडल प्रभारी डा. प्रशांत प्रकाश, डा. आशीष गौतम और डा. अंजना पांडे, टीबी विभाग से डा. जीवी सिंह और बाल रोग से डा. मनोज कुमार शामिल हैं। इनकी ड्यूटी वार्ड में रहेगी। प्राचार्य डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि स्वाइन फ्लू की आशंका वाले मरीजों का यहां उपचार किया जाएगा। 24 घंटे चिकित्सकों की मौजूदगी रहेगी।

सभी ग्रुप के ब्लड का स्टाक
एसएन मेडिकल कालेज ब्लड बैंक में किसी अप्रिय घटना के मद्देनजर रक्त का भी स्टाक किया है। बैंक प्रभारी डा. हरेंद्र यादव ने बताया कि हर ग्रुप की 10-10 यूनिट को रिजर्व रखा गया है।

पुलिस लाइन भेजी जाएंगी एंबुलेंस
प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 10 एंबुलेंस तैयार कर ली हैं। 25 जनवरी को 108 सेवा की एंबुलेंस पुलिस लाइन भेजी जाएंगी। एसएन इमरजेंसी में क्रिटिकल केयर एंबुलेंस तैयार रहेगी।

23 को आएगी विशेष टीम
ओबामा की स्पेशल टीम एसएन मेडिकल कालेज में 23 जनवरी को आ सकती है। सूत्र बताते हैं कि टीम सुबह 10 बजे से चिकित्सकीय मानकों पर व्यवस्थाओं को परखेगी।

सुरक्षा में रहेंगे यूएस के एक हजार सुरक्षा अधिकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति के खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनकी सुरक्षा की कमान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारी संभालेंगे। सूत्रों की मानें तो उनके साथ एक हजार से अधिक अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। ये सभी अपने हथियार और सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगे। सुरक्षा दस्तों को ढोने के लिए लोडिंग वाहन भी वे अपने साथ लाएंगे। आगरा के पुलिस-प्रशासनिक अफसरों और सुरक्षा एजेंसियों का उनके साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। इधर, बाहरी जनपदों से भी फोर्स का आगरा आना शुरू हो गया है।

तीन चरणों में सुरक्षा
खेरिया हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति के प्लेन के साथ सुरक्षा दस्ते तैनात रहेंगे। दूसरे चरण में फ्लीट के साथ रहने वाले सुरक्षा दस्ते होंगे। तीसरे चरण में ताजमहल और अमर विलास होटल की सुरक्षा का घेरा होगा।

कलाकृति में भी वैकल्पिक इंतजाम
कलाकृति आडिटोरियम परिसर में हैलीकॉप्टर को उतारने के लिए हैलीपैड बनाया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति को एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के अलावा हवाई मार्ग से लाने के विकल्प पर भी चर्चा चल रही है।

महताब बाग में भी रहेगा फोर्स
बुधवार शाम को अमेरिकी एडवांस टीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ यमुना नदी, महताब बाग की तरफ कई घंटे तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। कंटीली बाड़ पर भी सुरक्षा बढ़ाने को कहा।

ताज के मुख्य गुंबद पर लगेंगे सुरक्षा उपकरण

सबसे शक्तिशाली अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे पर सबसे खूबसूरत इमारत ताजमहल खुलकर सांस लेगा। दशकों बाद चारों मीनारों सहित मुख्य गुंबद पर लगे तालों को खोला जाएगा। यह सारी कवायद सुरक्षा के लिहाज से की जा रही है। ताकि यहां अत्याधुनिक उपकरण लगाए जा सकें। बुधवार को आईजी और कमिश्नर के साथ ताज पहुंची अमेरिकी एडवांस टीम ने सुरक्षा के लिए अपनी जरूरतें बताईं। इस दौरान दशकों से बंद उत्तर-पूर्वी मीनार की तीनों मंजिलों को खुलवाया।

गणतंत्र दिवस पर परेड में शामिल होने के बाद ओबामा ताजमहल दर्शन को आ सकते हैं। वे तकरीबन एक घंटे तक ताज में रहेंगे। उनके आने से पहले अत्याधुनिक उपकरणों को पूरे परिसर में लगाया जाएगा। अमेरिकी एजेंसियां मुख्य गुंबद से लेकर मीनारों और अंडरग्राउंड चेंबर तक की जांच करेंगी। अमेरिकी अधिकारियों ने एएसआई से बंद पड़ी उत्तर-पूर्वी मीनार को भी खुलवाया और सुरक्षा के लिहाज से बिंदु तय किए। ताज के मुख्य गुंबद पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात करने की बात कही। बता दें कि उत्तर-पूर्वी मीनार के कुछ हिस्से को संरक्षण के चलते एएसआई ने हाल में खोला था। इसकी शटरिंग भी बुधवार को हटा दी गई।

26 अधिकारी-कर्मचारी रहेंगे मौजूद
ताजमहल के अंदर एएसआई के 26 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इनके नामों की सूची भेज दी गई है। इनकी पूरी कुंडली प्रशासन और अमेरिकी अधिकारियों के पास होगी। सत्यापन के लिए चीता मोबाइल घर-घर जाकर पड़ताल करेगी। बांग्लादेशी राष्ट्रपति के दौरे से पहले भी यह कवायद हो चुकी है। इन सभी कर्मचारियों, अधिकारियों पर अमेरिकी एजेंसियां नजर रखेंगी।
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वाराणसी और आजमगढ़ में आईटी सेंटर बनाएंगे फ्रैंक इस्लाम

चर्चित भारतीय-अमेरिकी उद्योगपति और समाजसेवी फ्रैंक इस्लाम अपने गृह जनपद आजमगढ़ और वाराणसी में इन्फारमेशन टेक्नालाजी सेंटर बनाना चाहते हैं ताकि यह दोनों शहर आईटी हब बनें और लोगों को रोजगार मिले। इसके लिए वह निवेश करने को तैयार हैं। उनका मानना है कि गरीबी और अशिक्षा के कारण ही युवा आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इसे बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर देकर दूर किया जा सकता है।

एफआई इन्वेस्ट ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ फ्रैंक इस्लाम ने ‘अमर उजाला’ से ई-मेल के जरिये बातचीत में कहा कि वह आजमगढ़ और वाराणसी में आईटी सेंटर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह निवेश करने को तैयार हैं। कहा कि इस केंद्र के बन जाने पर लोग कंप्यूटर सीख सकेंगे और उन्हें रोजगार मिलेगा। बता दें कि फ्रैंक इस्लाम ने करीब 25 साल तक सूचना प्राद्यौगिकी के क्षेत्र में काम किया है। फ्रैंक ने वर्ष 1994 में आईटी कंपनी क्यूएसएस ग्रुप की स्थापना की थी। इसे उन्होंने वर्ष 2007 में 30 करोड़ डालर में बेच दिया। फै्रंक इस्लाम अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के काफी करीबी माने जाते हैं। ओबामा ने ही पिछले साल उन्हें केनेडी सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में नियुक्त किया था।

आज जो कुछ हूं वह आजमगढ़ की देन
आजमगढ़ के नंदाव में जन्मे फ्रैंक इस्लाम के जेहन में अपने गृह जनपद की यादें आज भी ताजा हैं। उन्होंने कहा कि वह आज जो कुछ भी हैं, वह आजमगढ़ की देन है। आजमगढ़ में उन्होंने सफलता के लिए जरूरी अनुशासन का पाठ पढ़ा और खुद पर भरोसा हासिल किया। इस शहर ने उनके भूत, वर्तमान और अतीत को आकार दिया। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि आज भी आजमगढ़ में असमानता और अन्याय व्याप्त है। कहा कि हमें शिक्षा के जरिये यहां के युवाओं को आगे लाना चाहिए ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें और गरीबी से मुक्त हो सकें। युवाओं से अपील की कि वे कड़ी मेहनत करें, शिक्षा हासिल करें और अपनी क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करें।

ओबामा के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में
आगामी 23 जनवरी को भारत आ रहे फ्रैंक इस्लाम 26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ नई दिल्ली स्थित राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेंगे। शाम को वह भारत और अमेरिका के औद्योगिक घरानों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। वह 28 जनवरी को वाराणसी आएंगे और तीन दिन तक यहां रहेंगे।

धर्म को आतंक का ट्रिगर न बनने दें
हाल ही में मार्टिन लूथर किंग जूनियर पुरस्कार से नवाजे गए फ्रैंक आजमगढ़ का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ने पर कहते हैं कि उनका मानना है कि केवल कुछ ही लोग ऐसे हैं जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि  राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की प्रमुख वजह गरीबी और अशिक्षा है। कहा कि अतिवाद हमारी समृद्धि, स्थिरता, सुरक्षा और शांति के मार्ग में बाधा बन गया है। हमें धर्म को आतंकवाद और अतिवाद का ट्रिगर नहीं बनने देना चाहिए। हमें धर्म, जाति या मान्यता पर आधारित भेदभाव को खत्म करना होगा। धार्मिक अन्याय के लिए कोई जगह नहीं है।
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