समाजवादी पार्टी की ओर से मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाले बयानों का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। एक के बाद एक सपा नेता, कैंपों में रहने वाले दंगा पीड़ितों को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं।
सपा सरकार में खेल मंत्री और गृहसचिव के विवादित बयान के बाद अब बाहुबली और दागी नेता अतीक अहमद ने आपत्तिजनक बयान दिया है। दंगा पीड़ितों को राहत पहुंचाने की जगह अपनी बदजुबानी से उनके जख्मों को हरा जरूर कर रहे हैं।
'राहत कैंप में भिखारी रह रहे हैं'
पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद ने कहा कि मुजफ्फरनगर राहत कैंपों में अब पेशेवर भिखारी रह रहे हैं। अतीक अहमद ने कहा कि कैंपों से फिलहाल दंगा पीड़ित जा चुके और वहां पेशेवर भिखारी रह रहे हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि समाज के हर वर्ग में पेशेवर भिखारी होते हैं और इन्हीं में से कुछ भिखारी राहत कैंपों में आ गए हैं। अतीक अहमद ने आगे कहा कि दंगा पीड़ितों को 15 लाख रुपए और नौकरी दी जा चुकी हैं। लेकिन अब जो लोग राहत कैंपों में दिखाई दे रहे हैं वे दरअसल पेशेवर भिखारी हैं।
अखिलेश सरकार पहले से ही राहत कैंपों के मुश्किलें हालातों पर काफी आलोचनाओं का सामना चुकी है। सैफई महोत्सव के दौरान भी सरकार द्वारा खर्च किए गए करोड़ों रुपए पर विपक्षी पार्टियों ने सवाल उठाए थे।
पहले भी आलोचना झेल चुकी है सरकार
इससे पहले राहत कैंप में रह रहे दंगा पीड़ितों के बच्चों की ठंड से हुई मौत पर सरकार में खेल मंत्री नारद राय ने कहा था कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
नारद राय ने कहा कि जीवन-मृत्यु हमारे संस्कार हैं। अब मॉल को ही देख लीजिए इतनी व्यवस्थाएं होती हैं फिर भी वहां लोग मरते हैं।
हमें दुख इस बात का है कि यह हमारी सरकार में हुआ। सपा सरकार में ये बदजुबानी सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं थे। इससे पहले प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह ने भी बयान दिया था कि यदि ठंड से मौत होती तो साइबेरिया में तो सारे लोग मर जाते।
उन्होंने कहा कि कहीं भी मुसीबत आती है तो सभी दल सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करते हैं, लेकिन मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के दौरान सभी ने राजनीतिक रोटी सेंकी। गृह सचिव के इस बयान के बाद सारे विपक्षी दलों ने इस बयान की आलोचना की थी।
रेप आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क
मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान हुए गैंगरेप के मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने फरार आरोपियों के घर के बाहर संपत्ति कुर्क के नोटिस चिपका दिए हैं।
दंगों के दौरान फुगाना गांव में हुए पांच गैंगरेप के मामलों में कोर्ट ने ये आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के आदेश पर ये नोटिस सार्वजनिक स्थानों पर भी लगा दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक अगर ये आरोपी सरेंडर नहीं करते हैं तो इनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।
जारी होंगे गैरजमानती वारंट!
मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के तीन अलग अलग मामलों में जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने अदालत से मिलकर मामले में फरार 25 आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने का निवेदन किया है।
इन मामलों में फरार सभी आरोपी महीनों से फरार हैं। आगे की कार्रवाई के लिए एसआईटी की टीम ने अदालत से निवेदन किया है। मर्डर के अलावा सभी आरोपियों पर आगजनी, लूटपाट के भी मामले दर्ज हैं। इस मामले में एसआईटी ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है।
बीते साल सितंबर में मुजफ्फरनगर जिले में हुई सांप्रदायिक में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 40 हजार से ज्यादा लोग इस दंगों के दौरान विस्थापित हुए थे।