गांधी-नेहरू परिवार के बीच लगभग ढाई दशक से जारी दूरियां और खटास अब लगभग मिट गई हैं। राजनीतिक और वैचारिक विरोध की दीवार पर पारिवारिक रिश्तों का दर्द और गरमाहट भारी पड़ गई।
कभी राजीव गांधी से राजनीतिक रूप से अलग हुए उनके भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण नेहरू की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई मुलाकात ने रिश्तों की पुरानी खटास खत्म कर दी है।
गांधी परिवार का एक-एक सदस्य अस्पताल में भर्ती अरुण नेहरू के हाल चाल जानने के लिए घंटों समय दे रहे हैं।
इस क्रम में प्रियंका गांधी वाड्रा अपने दोनों बच्चों के साथ दो-दो बार अस्पताल पहुंचीं तो बीते शनिवार की रात सोनिया के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी न केवल उनका हालचाल जानने पहुंचे, बल्कि वहां काफी समय भी बिताया।
गांधी परिवार के सभी सदस्यों ने अस्पताल से सुविधाओं और देखरेख में कोई कमी न रहने देने का भी साफ निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि 80 के दशक में बोफोर्स मामले ने गांधी-नेहरू परिवार के बीच मतभेद पैदा कर दिए थे। मतभेद के कारण अरुण नेहरू ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुन ली थी।
हालांकि राहें अलग-अलग होने के बावजूद दोनों परिवारों ने सार्वजनिक जीवन में कभी भी अपने मतभेद जाहिर नहीं किए। हां, समारोहों में साथ न दिखना यह जरूर साबित करती रही कि दोनों परिवारों की दूरियां फिलहाल खत्म नहीं हुई थीं।
बहरहाल गांधी-नेहरू परिवार के रिश्ते की नई पटकथा तब फिर से लिखी जाने लगी, जब 10 दिनों पहले मांसपेशियों से संबंधित समस्या से उबरने के लिए अरुण नेहरू गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए। इस दौरान उनकी सर्जरी भी हुई।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक नेहरू के भर्ती होने के कुछ दिनों बाद ही अचानक उन्हें देखने राहुल गांधी और प्रियंका आए। उस समय प्रियंका के साथ उनके दोनों बच्चे भी थे। चारों लंबे समय तक नेहरू के साथ रहे और इस दौरान नेहरू के परिवार के सदस्यों के साथ पुरानी यादें भी ताजा की।
प्रियंका राहुल के साथ दोबारा भी अपने बच्चों के साथ नेहरू को देखने आईं और लंबा समय बिताया।
प्रियंका के बाद बीते शनिवार की रात बिना किसी को जानकारी दिए अचानक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए। दोनों काफी समय नेहरू के साथ रहे।