संसद में विपक्षी दलों का नेतृत्व कर रही कांग्रेस अब संसद के बाहर भी इस भूमिका को निभाने की तैयारी में है।
इसकी शुरुआत वह जनता परिवार के मोदी विरोधी अभियान से जुड़कर कर सकती है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव से इस संबंध में बातचीत भी की है।
कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर बड़ा संदेश देने की कोशिश में जुटी है। पार्टी हाईकमान जानता है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को इसकी सख्त जरूरत पड़ेगी। खुद को अलग थलग पड़ने की स्थिति से बचाने के लिए पार्टी के बड़े मैनेजर कांग्रेस को धर्मनिरपेक्ष मोर्चे का अगुवा बनाने में जुटे हुए हैं।