रेलवे को चलाने के लिए परंपरागत सोच तथा वर्तमान तरीके से न तो सुधारा जा सकता है न ही कुछ नया हासिल कर सकते हैं। कुछ न कर पाने के लिए सफाई या बहाने अब सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। हमारी सरकार का मंत्र है या तो काम करके दिखाओ नहीं तो चलते बनो।
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने देश भर से आये रेलवे अफसरों की बैठक में यह दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को मिलकर यह उपाय ढूंढ़ना है कि हम भारतीय रेल को विश्वस्तरीय रेल सेवा बना सकें।
रेलमंत्री ने पहली बार रेल महाप्रबंधकों की बैठक में मंडल रेल प्रबंधकों तथा सभी उपक्रमों के प्रमुखों को भी बुलाया था। बैठक को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा आज यहां तय करना है कि रेलवे में अब तक जो नहीं हो सका वह हम कैसे करेंगे। इसके लिए समर्पित भाव से लक्ष्यबद्ध टीम के रूप में काम करना होगा। आज हम क्षमता, समयबद्धता, स्वच्छता तथा अन्य सेवाओं के मामले में बहुत पीछे हैं।