अब इसे 25 साल पुरानी दोस्ती टूटने का दर्द कहें या चुनावी सियासत की बाध्यता, लेकिन बदले समीकरण में शिवसेना ने पुराने सहयोगी भाजपा पर तीखा हमला शुरू कर दिया है।
वैसे तो शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गठबंधन टूटने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के मुखपत्र सामना के माध्यम से भाजपा को महाराष्ट्र का दुश्मन घोषित कर दिया है।
सामना में छपे लेख में कहा गया है कि पितृपक्ष के काले कौवे उड़ चले हैं, लेकिन शिवाजी महाराज के वीर सैनिक हमारे साथ हैं।
मुखपत्र सामना में लिखा लेख
अब वही होगा जो तुलजा भवानी की इच्छा होगी। आगे कहा गया है कि शिवसेना और महाराष्ट्र की 11 करोड़ जनता गठबंधन कायम रखने के पक्ष में थी, लेकिन ऐसा न हो सका। जिन्होंने भावनाओं का अनादर किया वे महाराष्ट्र के शत्रु हैं।
पार्टी ने 25 साल से हिंदुत्व की विचारधारा से बंधे गठबंधन के टूटने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि हमने गठबंधन बचाने का ईमानदारी से प्रयास किया। अब हमारी इच्छा है कि गठबंधन टूटने से महाराष्ट्र का भविष्य न बिगड़े अन्यथा इतिहास माफ नहीं करेगा।
शिवसेना ने सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि कल तक जो इस खेमे में आकर प्रार्थना कर रहे थे, अब वे दूसरे के तंबू में जाकर नमाज पढ़ने लगे हैं। विचार और निष्ठा की कोई कीमत नहीं रह गई है।
भाजपा, एनसीपी ने जारी की लिस्ट
शिवसेना से 25 साल पुराना नाता तोड़ने के एक दिन बाद भाजपा ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा के लिए अपने 172 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की।
लिस्ट में एकनाथ खड़से, देवेंद्र फड़नवीस समेत 36 मौजूदा विधायकों के नाम भी हैं। वहीं कांग्रेस से अलग हुई एनसीपी ने अपने 131 प्रत्याशियों की घोषणा की।
हालांकि एनसीपी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है।