सरकार को पिछले दो दिनों से आतंकी धमाके का अंदेशा था। हैदराबाद के दोहरे धमाके के बाद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने खुलासा किया कि उनके पास धमाके की साजिश की खुफिया जानकारी दो दिनों पहले आई थी। लेकिन खास जगह को लेकर एजेंसी कुछ नहीं कह पा रही थी।
इसी के आधार पर सभी राज्यों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया था। सरकार ने इस धमाके को आतंकी हमला करार दिया है। संसद के बजट सत्र के शुरुआती दिन हुए इस धमाके के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक इस घटना में पाकिस्तानी या देश के भीतर के ही किसी खास संगठन के शामिल होने की बात अभी नहीं कही जा सकती। लेकिन धमाके के स्तर और साजिश को देखते हुए इसे आतंकी वारदात माना जा रहा है।
शिंदे के मुताबिक इस घटना को अभी पिछले दिनों हैदराबाद में बिगड़े सांप्रदायिक माहौल का नतीजा नहीं माना जा सकता। इसकी जांच के लिए खुफिया एजेंसी आईबी के वरिष्ठ अधिकारी हैदराबाद रवाना हो चुके हैं।
गृहसचिव आरके सिंह ने कहा कि धमाके की जांच के लिए एनएसजी के विस्फोट विशेषज्ञ और एआईए के वरिष्ठ अधिकारी रात को ही बीएसएफ के विशेष विमान से हैदराबाद रवाना हो गए हैं। इनके साथ खुफिया विभाग आईबी के अधिकारी भी वहां जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि सबूतों से साथ छेड़छाड़ नहीं हो सके।
प्रधानमंत्री समेत पूरी सरकार को हैदराबाद धमाके की खबर उस समय मिली जब केंद्रीय कैबिनेट की बैठक चल रही थी। गृहमंत्री को जब इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने पीएम समेत कैबिनेट को इस आतंकी हमले की सूचना दी। इसके तत्काल बाद गृहमंत्री ने पहले गृह सचिव और उसके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से बात कर हालात की जानकारी ली।
इसलिए चुना शाम का वक्त
माना जा रहा है कि धमाके के लिए शाम के 7 बजे का वक्त इसलिए चुना गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हताहत हों। दिलसुखनगर हैदराबाद का व्यस्त इलाका है और शाम के वक्त बस स्टैंड और कोणार्क सिनेमा घर के पास खासी भीड़ रहती है। 2007 में गोकुल चाट शॉप पर हुए धमाके के लिए शाम का लगभग यही वक्त चुना गया था।
दिल्ली समेत देशभर में अलर्ट
हैदराबाद में सीरियल ब्लास्ट के बाद पूरे आंध्र प्रदेश के साथ ही दिल्ली, जयपुर, मुंबई, बंगलूरू, कोलकाता समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस पैनी निगाह रख रही है। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों जैसी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पहले भी दहला था हैदराबाद
25 अगस्त, 2007 को हैदराबाद में दो प्रमुख स्थानों पर धमाकों में 42 से भी अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 लोग घायल हो गए। पहला विस्फोट पर्यटन स्थल लुंबनी पार्क में लेजर शो के दौरान हुआ था जबकि दूसरा धमाका कुछ ही मिनट बाद गोकुल चाट शॉप पर हुआ। सेल फोन टाइमर से किए इन धमाकों में नियोजेल-90 नामक केमिकल का इस्तेमाल किया गया था। इन धमाकों में हूजी की भूमिका सामने आई थी।
मक्का मस्जिद में धमाका
इससे पहले 18 मई, 2007 को हैदराबाद के पुराने इलाके में स्थित मक्का मस्जिद के पास जुमे की नमाज के दौरान हुए जोरदार विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई थी। धमाका दोपहर डेढ़ बजे करीब हुआ था।