बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने जब यह कहा कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं है तो राजधानी में महिलाओं के साथ हो रही वारदातों को लेकर सरकार चिंतित के साथ-साथ असहाय भी नजर आने लगी। 16 दिसंबर की घटना के बाद बढ़ी सतर्कता, जागरूकता और चौकसी के बावजूद लाजपत नगर में लड़की के साथ हुई दरिंदगी ने मुख्यमंत्री को भी सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
बुधवार को मुख्यमंत्री से जब पत्रकारों ने पूछा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आप क्या कहेंगी? तो उन्होंने कहा कि अभी भी महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महिलाएं संतुष्ट नहीं हैं। लाजपत नगर की घटना ने चिंता और बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों को साथ-साथ समाज को भी सोचना पड़ेगा।
वसंत विहार गैंगरेप की घटना के बाद न सिर्फ परिवहन व्यवस्था में तमाम सुरक्षा उपाय किए गए हैं बल्कि पुलिस को भी तरह-तरह के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन घटनाएं रुक नहीं रही हैं। मुख्यमंत्री सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार दिल्ली पुलिस को कठघरे में खड़ी कर चुकी हैं। इतना ही नहीं पुलिस आयुक्त व गृहमंत्री को पत्र लिखकर यह कह चुकी हैं कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें।
दिल्ली में अभी भी महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। महिला सुरक्षा को लेकर मैं संतुष्ट नहीं हूं। सुरक्षा के साथ-साथ समाज को भी कुछ सीखना पड़ेगा। लाजपत नगर की घटना से धक्का लगा है। अब हमारी चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। महिला दिवस पर जागरूकता बढ़ाएंगे।- शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री दिल्ली