बीजेपी ने नमो ब्रांड को भुनाने के लिए देशभर में नरेन्द्र मोदी की 185 चुनावी रैलियों का कार्यक्रम निर्धारित किया है। 26 मार्च से उनका भारत विजय अभियान शुरु है।
इस कड़ी में नरेन्द्र मोदी महाराष्ट्र में करीब एक दर्जन जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं लेकिन मराठा क्षत्रप एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार के गढ़ से अब तक दूर हैं।
आखिरकार, पवार को वॉकओवर देने के पीछे बीजेपी की क्या मंशा है? क्या मोदी महाराष्ट्र में पवार की मांद में घुसने से कतरा रहे हैं या फिर चुनाव पश्चात नए राजनीतिक समीकरण को लेकर दोनो के बीच कोई खिचड़ी पक रही है?
NCP पर कम कांग्रेस पर ज्यादा बरस रहे मोदी
चुनावी जनसभाओं में मोदी एनसीपी पर कम कांग्रेस पर ज्यादा बरस रहे हैं। मौका मिलने पर मोदी चौका मारने से नहीं चूकते, तो फिर क्या यह नरमी महज इत्तेफाक है या कोई सीक्रेट डील?
एनसीपी की सीटों पर मोदी की गैरमौजूदगी ने कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें आशंका है कि कहीं मोदी और पवार के बीच कोई रणनीतिक डील तो नहीं है।
पर, ऑन रिकार्ड कुछ भी कहने की हिमत नहीं जुटा पा रहे है। कांग्रेसनीत यूपीए की सहयोगी पार्टियों में एनसीपी एकमात्र पार्टी है जिसने सन 2002 के गुजरात दंगों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के हवाले से मोदी को क्लीनचिट दी है।
पवार और मोदी में हो चुकी है सिक्रेट मीटिंग
लोकसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व शरद पवार और नरेन्द्र मोदी की गुप्त मुलाकात भी चर्चा में रही है। इसलिए एनसीपी के गढ़ में मोदी की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेसी खेमे में इस तरह की आशंका व्यक्त की जा रही है।
महाराष्ट्र की 48 सीटों में से एक दर्जन से अधिक सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन से और बीड, भंडारा-गोंदिया, डिंडोरी, जलगांव, रावेर और उत्तर-पूर्व मुंबई संसदीय क्षेत्र में बीजेपी का एनसीपी से सीधा मुकाबला है लेकिन यहां भाजपा का फोकस नहीं दिखाई दे रहा है।
अमरावती को छोड़ राकांपा से मुकाबले वाले क्षेत्र में मोदी की जनसभा नहीं हुई। महाराष्ट्र के विदर्भ में नरेन्द्र मोदी ने अकोला, चंद्रपुर, वर्धा, अमरावती और यवतमाल, मराठवाड़ा के नांदेड़, लातूर, और पश्चिम महाराष्ट्र के सोलापुर, सांगली में जनसभाएं की हैं।
रैली को तरस रहे बीजेपी के मजबूत प्रत्याशी भी
अमरावती अपवाद रहा जहां एनसीपी से मुकाबला है। एनसीपी नेता प्रफुल पटेल के चुनाव क्षेत्र भंडारा-गोंदिया से मोदी कन्नी काट गए जबकि यहां से भाजपा ने नाना पाटोले के रूप में सशक्त उम्मीदवार उतारा है।
सोलापुर के बगल में ही माढ़ा और बारामती भी है लेकिन यहां मोदी की जनसभा का कार्यक्रम तय नहीं है। आगामी 12 अप्रैल को पुणे में मोदी की जनसभा प्रस्तावित है लेकिन यहां भी टक्कर कांग्रेस से ही है। महाराष्ट्र भाजपा के चुनाव प्रभारी श्रीकांत भारतीय कहते हैं कि हमारा मुख्य मुकाबला कांग्रेस से है जबकि एनसीपी दूसरे नंबर है।
इसलिए कांग्रेस के खिलाफ ज्यादा फोकस लाजिमी है। उन्होंने कहा कि मोदी की सोलापुर रैली के माध्यम से माढ़ा भी कवर हो गया क्योंकि सोलापुर जिले की तीन विधानसभा माढ़ा में है। इसी तरह 12 अप्रैल को पुणे की रैली से बारामती का इलाका भी कवर हो जाएगा।