जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने अपने बेटे के दस्तारबंदी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित नहीं किया है, जबकि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को निमंत्रण भेजा है। शाही इमाम के फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भाजपा ने कहा है कि शाही इमाम ने प्रधानमंत्री की उपेक्षा करके भारतीय राष्ट्र की उपेक्षा की है। उल्लेखनीय है कि अहमद बुखारी ने पिछले हफ्ते अपने 19 वर्षीय बेटे शाबान बुखारी को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया।
दस्तारबंदी समारोह में उन्हें औपचारिक रूप से ये जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शाही इमाम अहमद बुखारी ने समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री समेत कई विदेशी नेताओं को निमंत्रण भेजा है। जामा मस्जिद देश की सबसे बड़ी मस्जिद है।