भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नजर अब गैर भाजपा शासित राज्यों पर टिकी हैं। इन राज्यों में संगठन को सशक्त बनाने के लिए शाह ने लंबा-चौड़ा कार्यक्रम बनाया है।
संगठन को धार देने के लिए वे 22 जनवरी से 15 फरवरी तक उन नौ राज्यों का सघन दौरा करेंगे जहां पार्टी की सरकारें नहीं हैं।
वैसे शाह के ये दौरे कहने को तो पार्टी के सदस्यता अभियान को बल देने के लिए हैं। लेकिन इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन 2019 से जोड़ कर देखा जा रहा है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष पार्टी के कम आधार वाले राज्यों को अभी से दुरुस्त कर लेना चाहते हैं।