ग्वालियर में कथित रूप से यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिला जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पूछा है कि अगर संबंधित जज के खिलाफ पहली नजर में आरोप सही पाए गए तो क्या उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा?
पूर्व महिला जज ने यौन उत्पीड़न करने वाले जज से न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज छीनने की भी मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
महिला जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से जांच समिति के समक्ष हाजिर होने के नोटिस के जवाब में समिति की सचिव को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति व्यक्त की है। पत्र की प्रति सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी भेजी गई है।
पूर्व जज ने कहा है कि यौन उत्पीड़न की जांच से पहले दागी को निलंबित करने का प्रावधान है। लेकिन हाईकोर्ट के जज को निलंबित करना संभव नहीं है। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उसे न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज से हटा दिया जाना चाहिए।