खगोल विज्ञान की दृष्टि में शनिवार का दिन अहम रहा। इस दिन वीनस (शुक्र), मर्करी (बुध) व जूपिटर (ब्रहस्पति) 3 डिग्री पर एक साथ नजर आए।
आमतौर पर कोई दो गृहों के साथ तो ऐसा संयोग वर्ष में एक बार बन जाता है, लेकिन तीनों गृहों के कंजक्शन का यह दुर्लभ नजारा शनिवार को आकर्षण का केंद्र रहा। 26 मई को यह घटना चरम पर होगी, जिसे ग्रांड कंजक्शन कहते हैं।
इस दौरान तीनों ग्रह लगभग 2 डिग्री पर नजर आएंगे। आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान एरीज के वैज्ञानिकों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आमतौर पर सूर्यास्त के बाद वीनस सबसे नजदीक पश्चिमी क्षितिज में नजर आता है, जबकि उससे ऊ पर दाहिनी ओर मरकरी रहता है तथा उसके बाई ओर जुपिटर रहता है।
हालांकि यह गृह अधिकतम 180 डिग्री के कोण में एक दूसरे से पृथक भी रहते हैं। लेकिन गृहों की अपनी चाल के अनुरूप इनकी स्थिति बदलती रहती है।
वैज्ञानिक बताते हैं कि किन्ही दो गृहों के इतने नजदीक आने के घटना तो लगभग वर्ष में एक बार होती रहती है।
लेकिन तीनों गृहों के एक साथ इतने नजदीक होने की घटना दुर्लभ होती है। ऐरीज के वैज्ञानिक डॉ. रवींद्र यादव बताते हैं कि ऐरीज में मुख्यत: स्टार पर कार्य किया जाता है। प्लेनेट का क्षेत्र में अन्य स्थानों के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रहों के नजदीक आने की इस घटना को कंजक्शन कहते हैं। खगोल विज्ञान संचार की दृष्टि से यह घटना काफी महत्वपूर्ण है। शोधार्थियों तथा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह घटना काफी मददगार साबित होगी।
24 मई से शुरू हुई यह घटना 29 मई तक होगी। 26 मई को वीनस, मर्करी व जुपिटर सबसे अधिक नजदीक होंगे, जो 2 डिग्री पर नजर आएंगे। इसके बाद यह घटना 2026 में होगी।