अगर गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की ओर जाने की योजना बना रहे है तो आपके लिए बुरी खबर है।
इन गर्मियों में पर्यटन के लिहाज से बेहतर ठंडे पहाड़ी शहरों पर भी सैलानियों को सूरज की तपिश से सुकून नहीं मिल रहा है।
हालांकि शिमला, नैनीताल, मसूरी, श्रीनगर जैसे शहरों में सैलानियों की तादाद तो बढ़ी है, लेकिन पहाड़ प्रदेशों में बढ़ते तापमान से उन्हें ठंडक का एहसास कमोबेश नहीं हो पा रहा है।
हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड में पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार गर्मी ज्यादा है।
मनाली का रुख
हिमाचल में औसत तापमान 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। सैलानी शिमला में रुकने की बजाय मनाली का रुख करने लगे हैं। हिमाचल के ऊपरी इलाके रोहतांग और किन्नौर में भी पर्यटक ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक सुभाषीश पांडा ने स्वीकार किया कि बढ़ती गर्मी का असर सैलानियों की संख्या पर पड़ा है, वहीं मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने इस साल तापमान औसत से ज्यादा होने की पुष्टि की।
श्रीनगर में भी परेशान
श्रीनगर में भी पर्यटक परेशान हैं क्योंकि इस समय यहां का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है। यहां पर्यटकों का सहारा डल झील का किनारा, मुगल और शालीमार बाग में चिनार के पेड़ ही हैं। पर्यटक यहां की चिलचिलाती धूप में बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
श्रीनगर की तुलना में गुलमर्ग और पहलगाम में तापमान थोड़ा कम है। उत्तरकाशी, श्रीनगर (गढ़वाल) जैसे पहाड़ी शहरों का तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस को छू चुका है, वहीं दून का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस है।
पिछले साल 30 मई को सबसे गर्म दिन का तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। इस बार भी तापमान में तेजी लगातार जारी है। जो पर्यटकों के मजे में खलल डाल रहा है।
पहाड़ों की रानी मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, राजाजी पार्क जैसी जगहों पर पर्यटक खूब आ रहे हैं। आसन बैराज, झिलमिल झील भी सैलानियों की भीड़ बटोर रही हैं। तापमान में थोड़ी कमी ने पर्यटकों का रुझान यहां बढ़ाया है।
कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में अभी तापमान कम है लेकिन पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और चौकोड़ी के भीतर तापमान में दो डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रदीप बिष्ट का कहना है कि चार-पांच दिनों से आसमान में बादल छाने से कुमाऊं के तापमान में फिलहाल गिरावट आई है।
यूं बढ़ रहा तापमान
मौसम वैज्ञानिक प्रो. एच एस कुशवाहा के मुताबिक पहाड़ों में बादल न बनने की वजह से तापमान में वृद्धि हुई है। मैदानी क्षेत्रों से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर गर्म हवाएं बहने से तापमान बढ़ा है। इसकी प्रमुख वजह पूरब-दक्षिण-पूरब और पूरब-पश्चिम-पूरब दिशाओं से चल रही हवाएं है।
विभिन्न शहरों के तापमान--
देहरादून- 38 (डिसे)
जम्मू- 46
श्रीनगर- 32
शिमला- 31
पिथौरागढ़- 28
नैनीताल- 25.5