जम्मू-कश्मीर की सियासत में अब एक नया पेच उभरकर सामने आया है।
सरकार गठन को लेकर जारी हलचल के बीच अचानक सेक्युलर मुख्यमंत्री का राग छिड़ गया है। इस वजह से भाजपा के रणनीतिकार बैकफुट पर आ गए हैं।
जम्मू क्षेत्र की भावनाओं की बात कर भाजपा भगवा रणनीति को अंजाम देने में लगी है। राज्य में सरकार बनाने के साथ-साथ उसका पहला प्रयास किसी हिंदू नेता को गद्दी पर बैठाना है।
मगर अब घाटी की भावनाओं का हवाला देते हुए नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) ने भाजपा के सामने सज्जाद लोन के नाम का पासा फेंका है।
एनसी का कहना है कि वह भाजपा के किसी हिंदू नेता के बजाय दो विधायक वाले अलगाववादी नेता सज्जाद लोन का मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन कर सकती है। भाजपा ने उदार चेहरा माने जाने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के नाम को आगे बढ़ाया है।