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घूस देकर सेंसर बोर्ड से बचीं 'किक' और 'बॉबी जासूस'!

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के गिरफ्तार सीईओ राकेश कुमार ने बॉलीवुड के दबंग सलमान खान, बादशाह शाहरुख खान और विद्या बालन की फिल्मों के प्रोड्यूसरों के भी पसीने छुड़ा रखे थे।
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कुमार अकसर फिल्मों के आइटम नंबर गानों और सबसे सशक्त सीनों पर कैंची चलाने की बात कहकर प्रोड्यूसरों से मोटी रकम लेता था। फिल्मों को रिलीज करने से पहले सीबीएफसी की मंजूरी जरूरी होती है।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक कुमार ने सलमान की फिल्म किक और विद्या की कुछ दिनों पहले आई फिल्म बॉबी जासूस को बिना कांट छांट के मंजूरी देने के लिए पैसे लिए थे।
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कई दिलचस्प तथ्य उजागर किए

राकेश कुमार फिलहाल सीबीआई की गिरफ्त में हैं। अदालत ने मंगलवार को कुमार को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। पूछताछ में कुमार ने बॉलीवुड के बिजनेस के बारे में कई दिलचस्प तथ्य उजागर किए हैं।

इस गिरफ्तारी के बाद बॉलीवुड से कुमार के खिलाफ सीबीआई के पास दर्जनों शिकायतें आई हैं। सूत्रों के मुताबिक महेश भट्ट और अजय देवगन के प्रोडक्शन हाउस से भी शिकायत पहुंची है।

कुमार को छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय भाषा की फिल्म मोरे दाउकी के बिहव को जल्द सर्टिफिकेट देने के लिए पैसे के लेनदेन में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। दरअसल कुमार इस फिल्म पर कोई फैसला नहीं लेकर प्रोड्यूसर पर दबाव बना रहे थे।

कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया

यह फिल्म 15 अगस्त को रिलीज होने वाली थी। कुमार के हठ के आगे झुकते हुए प्रोड्यूसर 70000 रुपये देने को तैयार हो गया लेकिन सीबीआई ने प्रोड्यूसर को विश्वास में लेकर कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि आगे की जांच में पता चलेगा कि इन्होंने बड़े फिल्म के प्रोड्यूसरों से कितने पैसे लिए थे।

राकेश कुमार को निलंबित करने का फैसला
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सीबीएफसी के सीईओ राकेश कुमार को निलंबित करने का निर्णय लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुमार को निलंबित करने का फैसला लिया जा चुका है और इस संदर्भ में आदेश पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।

अधिकारी के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं। चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी इंडिया (सीएफएसआई) के सीईओ श्रवण कुमार अगले आदेश तक सीबीएफसी के सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे।
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क्या है फिल्म सेंसर बोर्ड

कोई भी फिल्म सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बिना पर्दे तक नहीं पहुंच सकती है। फिल्मों में दिखाए जाने वाले हर दृश्य पर मुहर लगाने वाली ये संस्था केंद्र सरकार के तहत काम करती है। सेंसर बोर्ड का मुखिया इसका अध्यक्ष होता है। फिलहाल इस पद पर मशहूर नृत्यांगना लीला सैमसन हैं।

उनके मातहत सीईओ के पद पर राकेश कुमार तैनात थे। सीईओ के तहत देश के नौ अलग अलग हिस्सों में क्षेत्रीय सेंसर बोर्ड कार्यालय काम करता हैं। ये दफ्तर मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू, हैदराबाद, तिरुअनंतपुरम, नई दिल्ली, कटक और गुवाहाटी में हैं।

ये सर्टिफिकेट देता है सेंसर बोर्ड
यू सर्टिफिकेट : वे फिल्म जिसे हर कोई देख सकता है
ए सर्टिफिकेट : जिसे सिर्फ वयस्क लोग देख सकते हैं
यूए सर्टिफिकेट : सबके लिए लेकिन 12 साल से छोटे बच्चों को माता पिता की सलाह जरूरी है
एस सर्टिफिकेट : वो फिल्म जिसे कोई खास दर्शक वर्ग ही देख सकता है
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