पीएम मोदी को दिल्ली के चुनावी परिणाम से अलग रखने और नेताओं के विरोधाभासी बयानों ने साफ कर दिया है कि राजधानी के चुनाव भाजपा के लिए बेहद चुनौती वाले हैं। पार्टी ने बेशक चुनावी सर्वेक्षणों को खारिज किया है। लेकिन खुद भाजपा आलाकमान आशंकित है।
शायद यही वजह है कि भाजपा आलाकमान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली के सियासी खरोंच से बचाने का अभियान शुरू कर दिया है। इस प्रयास के तहत शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के बाद खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी कहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव केंद्र के मोदी सरकार पर जनमत संग्रह नहीं हैं।
वरिष्ठ नेताओं के सुर में सुर मिलाते हुए विजय कुमार मल्होत्रा ने भी कहा है कि दिल्ली का चुनाव सुशासन और विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है। वहीं दिल्ली के परिणाम से मोदी के चेहरे को बाहर करने के प्रयास को आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की हार करार दिया है।