सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उसके पति को अंतरिम जमानत की अवधि 18 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है।
साथ ही अदालत ने दोनों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा है और चेतावनी दी है कि जांच में सहयोग न करने पर अंतरिम जमानत आदेश वापस लिया जा सकता है।
मालूम हो कि तीस्ता और उसके पति पर फंड के दुरुपयोग और एफसीआरए के तहत उन पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पहले मामले की जांच गुजरात पुलिस कर रही है जबकि दूसरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है।