फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला वकील के मामले सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त

विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत परिसर में फिनायल की गोली खाने वाली महिला वकील की न्याय की गुहार पर मंगलवार को बिलासपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन


सीजेएम से सर्वोच्च अदालत ने महिला की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस पर महिला ने उसके साथ गैंगरेप करने वालों के खिलाफ एफआईआर के बाद कोई कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है।

सर्वोच्च अदालत ने महिला वकील को इस मामले के लंबित रहने तक दिल्ली में रुकने के लिए राज्य न्यायिक सेवा प्राधिकरण से सहायता लेने को कहा है।

चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिलासपुर के महिला थाने से भी इस मसले पर रिपोर्ट तलब की है और छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराए।
विज्ञापन

विज्ञापन

कोर्ट परिसर में महिला वकील ने खाया था जहर

सोमवार को इस महिला ने सुप्रीम कोर्ट में फिनायल की गोलियां खा ली थी। इसके बाद चीफ जस्टिस ने उसे उपचार के लिए आरएमएल अस्पताल भेज दिया था।

सर्वोच्च अदालत ने बिलासरपुर सीजेएम से कहा है कि वह एक सप्ताह में महिला की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोप की जांच कर रिपोर्ट दें कि गैंगरेप की शिकायत दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने कोई कदम उठाया या नहीं।

याद रहे कि महिला वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि वह गैंगरेप की पीड़िता है। उसने अपने पति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर बिलासपुर में दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

सर्वोच्च अदालत ने 22 सितंबर को महिला वकील की गुहार पर सुनवाई के दौरान उसकी धीमी आवाज के चलते एक अन्य महिला वकील को सहायता करने को कहा था।

तब कथित पीड़िता ने कहा था कि उसने फिनायल (नैप्थालीन) की गोलियां खा ली हैं। यह जानकारी मिलते ही पीठ ने अदालत में मौजूद पुलिस को उसे सुप्रीम कोर्ट डिस्पेंसरी ले जाने को कहा था। जहां से उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें