सुप्रीम कोर्ट देश में जारी फर्जी मुठभेड़ों पर चिंता जताते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि इन मामलों में पुलिसकर्मियों को तब तक तरक्की और तमगा न मिले, जब तक यह साबित न हो जाए कि मुठभेड़ असली थी।
पुलिसकर्मियों को तब तक पुरस्कृत न किया जाए, जब तक उनकी बहादुरी पर पुख्ता मुहर न लग जाए। न्यायालय ने कहा है कि एनकाउंटर के सभी मामलों को जरूरी जांच हो।
सर्वोच्च अदालत ने बढ़ते पुलिस एनकाउंटर के मामलों में दिए गए फैसले में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत दिशा-निर्देशों को कानून का दर्जा दिया है और सभी राज्यों की पुलिस को इसका पालन करने का आदेश दिया है।
चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ ने पुलिस मुठभेड़ में मौत होने पर जांच को अनिवार्य कर दिया है।