वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली रेल लाइनों से हाथियों की बड़ी तादाद में मौत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित 14 राज्यों और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस केएस राधाकृष्णन और दीपक मिश्र की पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि वन क्षेत्रों से होकर जाने वाली रेल लाइन में करंट के कारण बड़ी तादाद में हाथियों की मौत हो रही है।
हर माह लगभग दस हाथी रेल से कटकर या करंट लगने से मर रहे हैं। असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और झारखंड में पिछले दो दशक के दौरान बड़ी संख्या में हाथी मारे गए हैं।
यह वनजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, वन संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
सर्वोच्च अदालत ने यह जवाब तलब शक्ति प्रसाद नायक की याचिका पर किया है। उनकी ओर से दायर याचिका में हाथियों के संरक्षण और बचाव के लिए सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
तीन साल पहले उत्तराखंड के वन क्षेत्र में हाथियों के रेलवे लाइन से कटने की याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने निर्देश जारी किए थे।