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अब सरकारी पेंशन के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर

Mon, 04 Mar 2013 09:58 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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बुजुर्ग, विधवा और विकलांगो को सरकारी पेंशन के लिए बैंक या डाकघर के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्र सरकार विभिन्न पेंशन योजनाओं को 'आपका पैसा आपके हाथ' यानि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) से जोड़ने जा रही है। जो इस वर्ष के अंत तक पूरे देश भर में लागू हो जाएगी।
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ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक डीबीटी से जुड़ने से सभी पेंशनधारियों को समय से पैसा तो मिलेगा ही, साथ ही पेंशन के लिए तय मानकों में जो परिवर्तन किये गए हैं। उससे तीन गुना अधिक लोगों को पेंशन का लाभ मिल सकेगा। नए मानको के तहत अब 18 वर्ष की आयु वाली विधवा, साठ वर्ष तक बुर्जुग और चालीस फीसदी तक शारीरिक विकलांगता वाले भी सरकारी पेंशन के हकदार हो जाएंगे।

रमेश के मुताबिक वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांगता पेंशन लाभार्थियों की संख्या अभी 2.7 करोड़ है। जो बारहवीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक बढ़कर आठ करोड़ तक पहुंच जाएगी। यह ब्योरा योजना आयोग के सदस्य डॉ मिहिर शाह की अध्यक्षता में गठित राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में दी है। इस टास्क फोर्स का गठन पिछले वर्ष अक्तूबर में किया गया था। डॉ मिहिर ने अपनी रिपोर्ट आज ही ग्रामीण विकास मंत्री को सौंपी है। रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें की गई हैं। जिसे मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है।
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रमेश ने बताया कि जल्द ही नई सिफारिशों का मसौदा मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद वृद्धवस्था पेंशन की राशि 200 से बढ़कर 300 रुपये हो जाएगी। इसी प्रकार विधवा पेंशन की पात्रता हकदार की आयु सीमा 40 से घटाकर 18 वर्ष करने और विकलांगता स्तर को 80 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी किया जाएगा।

जयराम के मुताबिक मौजूदा समय सिर्फ केरल, तमिलनाडु, आंध्र और उड़ीसा ही ऐसे राज्य हैं। जहां पेंशन समय पर मिल रही है। शेष सभी राज्यों में पेंशन के लिए लोगो छह-छह महीने बैंक या डाकघर के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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