यह महज संयोग नहीं है कि जिन पाकिस्तानी कैदियों ने सरबजीत सिंह पर हमला किया था, वे ही चमेल सिंह पर भी जानलेवा हमले के दोषी रहे हैं।
यह साबित करता है कि सुनियोजित साजिश के तहत पाकिस्तान के कोट लखपत जेल में भारतीय कैदियों को निशाना बनाया गया।
कसाब और अफजल गुरु को फांसी के बाद इसे बदले की भावना से की गई हत्या माना जा रहा है। हमलवार वही हैं। पाकिस्तान का जेल भी वही है।
पाकिस्तानी साजिश के शिकार हुए सरबजीत को पंजाब सरकार ने शहीद का दर्जा दे दिया है लेकिन चमेल सिंह के परिवार वालों को अब तक मुआवजा और पुत्रों को नौकरी नहीं मिल पाई है।
शहीद सरबजीत को सम्मान के बाद चमेल के परिवार वालों ने केंद्र और रियासत सरकार से भी चमेल को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।
चमेल के पुत्र दीपक ने कहा है कि उन्होंने केंद्र और रियासत सरकार को इस बाबत पत्र लिखा है।
चमेल का पैतृक निवास अखनूर के परगवाल में है। पिछले 15 जनवरी को पाकिस्तान को कोट लखपत जेल में कैदियों ने उन पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
उनका शव 13 मार्च को परगवाल लाया गया था। शव वापसी से पहले पाकिस्तान ने उनके शव से महत्वपूर्ण अंग भी निकाल लिए थे।
चमेल के चार पुत्र हैं और रोजीरोटी के लिए पढ़ाई छोड़ने पर विवश हुए। पुत्रों ने चमेल ने सरबजीत की तरह उनके परिवार को भी आर्थिक मदद दिए जाने की गुहार लगाई है।
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री ताराचंद ने भी केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख जहां उन्हें मुआवजा देने की मांग की है, वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से चमेल को शहीदी घोषित करने की अपील की है।
रियासत कांग्रेस के प्रवक्ता रवीन्द्र शर्मा ने कहा है कि चमेल सिंह ने देश के लिए जान दी इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा निश्चित रूप से मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने चमेल के परिवारों को आर्थिक मदद की भी मांग की। देश के लिए कुर्बान होने वाले व्यक्ति को सम्मान तो मिलना ही चाहिए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विधायक जुगल किशोर शर्मा ने कहा है कि चमेल के परिवार वालों को तुरंत एक करोड़ रुपए की मदद दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने चमेल के परिवार वालों को मुआवजा और पुत्रों को नौकरी देने की बात कही थी जिसे लागू नहीं किया गया।
अब पंजाब सरकार ने सरबजीत को शहीद का दर्जा देकर उदाहरण पेश किया है। अब रियासत सरकार को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
भाजपा नेता और राज्य सभा के सदस्य अविनाश राय खन्ना ने कहा कि उस बाबत राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिखा है।
पैंथर्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि उनकी पार्टी चमेल सिंह के मामले पर लगातार संघर्ष करती रही है। चमेल को शहीद का दर्जा देने में जरा भी देर करना अन्याय होगा।