डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने सुप्रीम कोर्ट एनएन दास की फांसी को उम्रकैद में बदलने के फैसले का स्वागत करते हुए राजीव गांधी की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाने वाले तीन आरोपियों की भी सजा बदलने की मांग की है।
डीएमके सांसदों का एक समूह शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिला और आग्रह किया कि वह इन तीनों की मौत की सजा को माफ करने के लिए राष्ट्रपति से अपील करे।
सांसदों ने कहा कि दोषी संथन, पेरारीवलन और मुरुगन दो दशक से अधिक समय से कारागार में हैं। प्रधानमंत्री को सौंपे ज्ञापन में इन सांसदों ने मौत की सजा समाप्त करने की भी मांग की।
इस बीच करुणानिधि ने पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ दास के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि इस फैसले से हमें बड़ी राहत मिली है। हम भी इसी तरह का निवेदन कर रहे हैं।
ऐसे बहुत से उदाहरण हैं, जहां पर दया याचिका पर वर्षों तक कोई फैसला नहीं हो पाया। संथन, पेरारीवलन और मुरुगन पहले ही काफी समय जेल में काट चुके हैं और उन्हें अब रिहा करना चाहिए।
प्रधानमंत्री से मिले सांसदों ने कहा, ‘करुणानिधि मौत की सजा समाप्त करने की लंबे समय से वकालत कर रहे हैं।
आंख के बदले आंख किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। मौत की सजा किसी को उसके मानवाधिकारों से पूरी तरह से वंचित करना है।’