संघ के बाद अब सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि ‘घर वापसी’ अभियान से धर्मांतरण के मुद्दे पर छिड़ी बहस को लेकर कोई असमंजस नहीं है।
संघ, सरकार और भाजपा तीनों की ही आवाज इस मुद्दे पर एक है। विधानसभा चुनाव के सुखद परिणामों की आहट से मोदी सरकार के रणनीतिकारों को इस बात का विश्वास है कि धर्मांतरण मुद्दे के कारण भगवा परिवार पर छाई धुंध जल्द छंट जाएगी।
बताया जा रहा है कि संघ और सरकार के बीच इस मामले पर कोई असमंजस नहीं है। संघ और सरकार के बीच असहजता की अटकलों को विराम देने के लिए सोमवार देर शाम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर भाजपा और संघ की समन्वय समिति बैठक भी हुई।
इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडू, अनंत कुमार और संघ की ओर से भैयाजी जोशी और कृष्ण गोपाल इसमें शामिल हुए। बैठक में विवादित मुद्दों से परहेज करने पर सहमति बनी।
साथ ही समन्वय समिति की बैठक कम समय के अंतराल पर होने की बात हुई ताकि मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सके।
संघ-सरकार ने तय की लाइन
सूत्रों के अनुसार आगरा का मामला सामने आते ही इस पर संघ और सरकार ने अपनी लाइन तय कर ली थी। कहा जा रहा है कि उस समय सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और कृष्ण गोपाल दिल्ली में ही मौजूद थे।
तीनों ने ही रणनीति को तय कर संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू को अपने रुख से अवगत करा दिया था। इस बीच खुद संघ प्रमुख भागवत ने पीएम मोदी से बात भी की थी।
सोमवार को सरकार की मंशा का खुलकर इजहार करते हुए लोकसभा में वेंकैया नायडू ने विपक्ष से कहा कि वे मंगलवार सुबह आठ बजे का इंतजार करें। इस दिन झारखंड एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।
धर्मांतरण पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज से बेहद संतुष्ट है। सरकार और भाजपा का धर्मांतरण से कोई लेना देना नहीं है।
संघ पदाधिकारियों ने बुलाई बैठक
विहिप, मजदूर संघ एवं किसान सरीखे संगठन स्वायत्त हैं। यदि कोई व्यक्ति कुछ कर रहा है, तो कानून अपना काम करेगा। नायडू ने कहा कि अगर फिर से धर्म परिवर्तन में कोई परेशानी हो रही है तो धर्मांतरण भी बंद होना चाहिए। संविधान में दोनों का अधिकार है।
संघ प्रमुख भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी यही बातें कहीं। वहीं संघ प्रमुख ने ‘घर वापसी’ अभियान की जमीनी सच्चाई समझने और आगे की दिशा तय करने के लिए उत्तर क्षेत्र के सभी प्रमुख संघ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 24 से 27 दिसंबर तक दिल्ली के छतरपुर में होगी।
सीसीपीए की बैठक आज
अपनी भावी रणनीति को अंजाम देने के लिए सरकार ने मंगलवार को सीसीपीए की बैठक बुलाई है। इसके बाद वह अपने सांसदों को विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक अस्त्र देकर जनता के बीच भेजेगी।
साथ ही आर्थिक सुधारों को बल देने के लिए सरकार ने बीमा और कोयला के साथ भूमि विधेयक को भी अपने एजेंडे में जोड़ लिया है। भूमि सुधार पर आशंकाओं को दूर करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने वित्त मंत्री से लंबी मंत्रणा की है।