फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: ‘आतंक का स्कूल’ चलाता था सलीम पतला

Mon, 03 Nov 2014 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब 21 साल की लंबी फरारी के बाद एटीएस के हत्थे चढ़ा सलीम पतला कई आतंकी संगठनों के लिए काम कर चुका है। वर्ष 1987 से 1990 तक उसने तंग बस्तियों में ‘आतंक के स्कूल’ चलाए। बेरोजगार नौजवानों को भड़काकर दहशतगर्दी के नेटवर्क से जोड़ा। उसके जाल में फंसे कई युवक आतंक की ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भी चले गए थे। यह खुलासा आईबी के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर एसपी सिंह ने किया है।
विज्ञापन


यूं तो सलीम पतला सबसे पहले आईएसआई से जुड़ा था लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहे सभी संगठनों के वह संपर्क में आ गया। मूलत: लिसाड़ी गेट मेरठ के इस्लामाबाद निवासी सलीम 1987 के दंगों के बाद से मेरठ और उसके आसपास वाले जनपदों में नेटवर्क तैयार करने में जुट गया। उसने तंग बस्तियों में जाकर लोगों को भड़काना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में उसने कई युवकों को अपने से जोड़ लिया था। इसी बीच इंडियन मुजाहिदीन, हिजबुल मुजाहिदीन, हूजी और लश्कर-ए-तोएबा के कमांडर पतला के संपर्क में आ गए। बाद में सलीम ने सभी के लिए काम करना शुरू कर दिया। सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ ही दहशतगर्दों को सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी सलीम की होती थी।

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में आतंकी संगठनों ने सलीम के जरिए गहरी जड़े जमा ली थीं। आईबी के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर एसपी सिंह ने बताया कि सलीम ने बड़ी ही खामोशी से नेटवर्क तैयार किया था। उसके रिश्ते जम्मू में सक्रिय रहे संगठनों से भी थे। कई नौजवानों को उसने ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भी भेजा था। अब जब मुरादाबाद से उसकी गिरफ्तारी हुई है तो खुफिया एजेंसियों ने मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़ के साथ ही मुरादाबाद और आसपास के जनपदों में भी आतंकी नेटवर्क की तलाश तेज कर दी है। साथ उन युवकों के बारे में भी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं जो वर्षों से गुम हैं। कहीं यह दहशतगर्दों के हाथ की कठपुतली तो नहीं बन गए हैं इसकी तस्दीक कराई जा रही है।
विज्ञापन

कई करीबी भी वर्षों से लापता

खुफिया एजेंसियों को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक सलीम पतला के कई करीबी भी वर्षों से गायब हैं। वर्ष 1987 से पहले तक तो यह लोग उसके संपर्क में रहते थे मगर जब से सलीम गायब हुआ तभी से उनके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। अब इन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

हरथला में की थी सलीम ने अपने बेटे की शादी
मेरठ में बम ब्लास्ट के बाद फरार सलीम ने मुरादाबाद में अपना आशियाना बनाने के बाद यहीं पर रिश्तेदारियां भी बना ली थीं। बड़े बेटे शारिक की शादी उसने हरथला में की थी। समधी से उसकी जान पहचान तब हुई थी, जब सलीम दीनदयाल नगर में कुछ महीने रहा। बाद में एमडीए की ओर से एकता विहार में प्लाट खरीद लिया। सलीम के पकड़े जाने के बाद परत दर परत कई जानकारियां खुफिया विभाग को मिल रही हैं। रविवार को आईबी के साथ स्पेशल ब्रांच की टीम भी एकता विहार पहुंची। तब उसकी पुत्रवधू रेहाना से बात हुई।

रेहाना ने बताया कि उसका मायका हरथला में है। पहले ससुर सलीम दीनदयाल नगर में रहते थे। तब उनका घर पर आना जाना था। इसके बाद ही रिश्ता हुआ और नौ साल पहले उसकी सलीम के बेटे शारिक से शादी हो गई। अब शारिक का ढाई साल का एक बेटा भी है।  रेहाना के मुताबिक उसकी शादी में सपा से जुड़े कई नेता भी आए थे। उनका अब भी उसके घर पर आना जाना था, लेकिन इस घटना के बाद से कोई फोन नहीं उठा रहा। परिवार वाले उन नेताओं से पैरवी करने की गुहार लगा रहे हैं। सलीम की पत्नी शहनाज और दो बेटों ने कुछ बड़े नेताओं के घर जाकर बात की, लेकिन सभी ने इंकार कर दिया।

मुरादाबाद में रह रहे सलीम के पास सभी दस्तावेज
सरकारी तंत्र की विफलता और लापरवाही भी आतंकियों के हौसलों को बढ़ा रही है। कुछ दिन जिले में रहने के बाद आतंकी अपना राशन कार्ड, निवास प्रमाणपत्र समेत तमाम ऐसे दस्तावेज बनवा लेते हैं, जिनकी पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण आईडी कार्ड बनवाने में जरूरत होती है। सलीम के पास भी वे तमाम दस्तावेज मिले। एक बार निवास प्रमाणपत्र बना तो पैन कार्ड, बैंक खाते, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज भी तैयार कराए जा सकते हैं। सलीम ने भी यही किया था। दीनदयाल नगर में रहने के दौरान उसने अपना और बच्चों का पहचान पत्र बनवाया। इनके दम पर एकता विहार में प्लाट खरीदा और रजिस्ट्री करा ली। कहीं भी सलीम या उसके परिवार की पड़ताल नहीं हुई।
विज्ञापन

मेरठ जेल शिफ्ट हो सकता है सलीम

पीएसी कैंप पर बम फेंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी आतंकी सलीम पतला को मेरठ जेल लाया जाएगा। सिविल लाइन थाना पुलिस ने कोर्ट से बी वारंट मांगा है। संभवत: सोमवार को अदालत से इसकी अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद पुलिस उसे रिमांड पर भी लेगी, ताकि पीएसी कैंप पर बम फेंकने की घटना से संबंधित पूछताछ के साथ ही कश्मीर में सक्रिय आतंकियों से गठजोड़ के बारे में तथ्य जुटाए जा सकें।

 एटीएस ने बृहस्पतिवार रात खतौली (मुजफ्फरनगर) से इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकी सलीम उर्फ पतला को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से कुछ दस्तावेज मिले थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया। वह हापुड़ अड्डे के पास पीएसी कैंप पर बम फेंकने के मामले में 1992 में दर्ज केस में नौचंदी थाने से और 1993 में पशु चिकित्सालय के सामने पीएसी कैंप पर बम फेंकने के मामले में सिविल लाइन थाने से वांटेड था। इसके चलते उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।

अब सिविल लाइन थाना पुलिस ने सलीम पतला को मेरठ लाने की तैयारी कर ली है। शनिवार को ही जिला जज की कोर्ट में प्रार्थना पत्र डालकर बी वारंट मांग लिया गया। इस पर सोमवार को सुनवाई है। अदालत से अनुमति मिलने पर बी वारंट मुजफ्फरनगर जिला जेल जाकर तामील कराया जाएगा, तब सलीम की शिफ्टिंग मेरठ जेल में होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें