उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की गूंज सोमवार को संसद में भी सुनाई देगी। भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम दलों ने इस मामले को संसद में उठाने की तैयारी की हुई है। उधर दंगे को लेकर रविवार को आरोप प्रत्यारोप का भी दौर शुरू हो गया।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश सरकार पर वोट बैंक के लिए जानबूझकर तनाव बनाए रखने का आरोप लगाया है तो राजद ने कहा है कि केंद्र की सत्ता में बदलाव के बाद देश भर में सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया है।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा है कि राज्य सरकार बार-बार प्रशासनिक स्तर पर सही समय पर सही कार्यवाही करने से चूक रही है। वहीं अखिलेश सरकार का बचाव करते हुए सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां अपने फायदे के लिए प्रदेश में शांति का माहौल खराब करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस मसले पर विपक्ष राजनीति की कोशिश करता है तो कानून अपना काम करेगा।