उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री मो. आजम खान ने कहा कि यूपी में होने वाले उपचुनाव को देखते हुए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि नफरत की चिंगारी भड़काकर वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके। इसको लेकर नागपुर में बाकायदा शोध हुआ है। पहले मुजफ्फरनगर फिर कांठ, लखनऊ और अब सहारनपुर इसकी मिसाल है।
निरीक्षण भवन में रविवार को पत्रकारों से आजम खान ने कहा कि कई बार छोटी-छोटी घटनाएं भी सांप्रदायिक रूप ले लेती हैं। जैसे दो साइकिलें टकरा जाएं। एक हिंदू और एक मुसलमान की। घटना को सांप्रदायिक रूप दे दिया जाता है। मुजफ्फरनगर दंगे की शुरुआत भी साइकिल टकराने की घटना से हुई थी। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
कहा, माहौल खराब होने का सबसे बड़ा कारण लोगों में सहनशीलता की कमी है। कानून के दायरे में रहकर काम करने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तो नरेंद्र मोदी ने बोलकर माहौल को खराब किया और अब बगैर बोले ही चिंगारी भड़का रहे हैं। आजम खान ने कहा कि आरएसएस लोगों में सहनशीलता खत्म करने की कोशिश कर रही है। पूरे वेस्ट यूपी में माहौल खराब करने की जो कोशिश हो रही है, वह एक सुनियोजित षडयंत्र है।