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अखिलेश सरकार के खिलाफ जुटेंगे देशभर के संत

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लाठाचीर्ज के बाद गंगा में प्रतिमाओं के विसर्जन की राह खोलने के लिए साधु-संतों ने देश भर में लामबंदी शुरू कर दी है। पता चला है कि पांच अक्तूबर को होने वाली अन्याय प्रतिकार यात्रा में अयोध्या, मथुरा के अलावा दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के भी संत शामिल होंगे।
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नागा साधुओं की भी सूची शुक्रवार तक फाइनल हो जाएगी। गुरुवार को मैदागिन से निकली धर्म रक्षा संकल्प यात्रा के दशाश्वमेध घाट पहुंचने पर संतों-भक्तों ने एक स्वर से कहा कि लड़ाई गंगा में विसर्जन के बाद ही खत्म होगी। सवाल काशी की धर्म-ध्वजा का है। संत समाज हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ नहीं होने देगा।

संत पूजा समितियों को भी प्रेरित करने में जुट गए हैं कि वह ऐसी प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित करें, जिससे गंगा में विसर्जन से किसी तरह का प्रदूषण होने का सवाल ही न पैदा हो।
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'काशी की धर्म ध्वजा पर नहीं आने देंगे आंच'

यात्रा लेकर घाट पहुंचे महंत बालक दास ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए संत समाज अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। जिस तरह गणपति प्रतिमा का विसर्जन पुलिस ने नहीं करने दिया, वैसा दोबारा न होने पाए, इसके लिए काशी की जनता को अभी से चेत जाना चाहिए।

उन्होंने पांच अक्तूबर को सरकार को घुटना टेकने के लिए मजबूर करने का जनता से आह्वान किया। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने कहा कि काशी की धर्म ध्वजा पर कभी आंच नहीं आने दी जाएगी।

परंपराओं, संस्कृतियों के मसले पर काशी के संतों-विद्वानों का शास्त्रोक्त निर्णय हमेशा विश्व भर में सर्वमान्य रहा है। ऐसे में दुर्गा प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना करने वाली पूजा समितियों को भी सावधान रहना चाहिए। गंगा की मिट्टी से मूर्तियां तैयार हों और किसी तरह के रासायनिक रंगों का इस्तेमाल न किया जाए।

उन्होंने सभी समितियों से पांच-पांच सदस्यों की समिति बनाकर मूर्ति विसर्जन के बाद घाटों की सफाई कराने का भी सुझाव दिया। ताकि स्वच्छता और घाटों की सफाई के सवाल पर प्रशासन को कहने के लिए कुछ न रहने पाए।

'हिंदू संस्कृति को कमजोर करने के लिए मचाया शोर'

भाजपा नेता डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि गंगा में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार नालों को बंद न कर हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ करने का हक किसी को नहीं है। विसर्जन से प्रदूषण फैलने का शोर सिर्फ इसलिए मचाया जा रह है ताकि हिंदू संस्कृति और परंपरा को कमजोर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि गंगा में मूर्ति विसर्जन से पहले यह लड़ाई खत्म नहीं हो सकती। इस यात्रा में महंत सर्वेश्वर शरण दास, सिया वल्लभ शरण, वैदेही शरण, ईश्वर दास, रमदास, गोविंद दास, रामचोलन दास, श्रवण दास, दंडी संन्यासी महासभा के अध्यक्ष बिमल देव आश्रम के अलावा भाजपा विधायक श्याम देव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, ज्योत्सना श्रीवास्तव, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह रघुवंशी, साधना वेदांती, अंबरीश सिंह भोला, विहिप के विभाग संगठन मंत्री दिवाकर, गौरव प्रकाश, तिलक राज मिश्र, अनिल शास्त्री, राकेश रंजन त्रिपाठी, संतोष पाटिल समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।
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और पार कर दिया पूजा समिति के महामंत्री का मोबाइल

धर्म रक्षा संकल्प यात्रा के दशाश्वमेध घाट पहुंचने के बाद फोटो खिंचवाने को लेकर कुछ नेताओं में झड़प हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया लेकिन वहां मौजूद लोगों ने माहौल बिगड़ने से रोक लिया। यह नोकझोंक गाय घाट के कुंवर सिंह और केंद्रीय पूजा समिति के महेंद्र सिंह के बीच हुई थी।

धर्म रक्षा संकल्प यात्रा के दौरान भीड़ में नारे लगा रहे केंद्रीय पूजा समिति के महामंत्री चंद्रभूषण शुक्ला का मोबाइल किसी ने पार कर दिया। मोबाइल गायब होने की जानकारी मिलने के बाद बीच रास्ते में ही वह अपने परिचितों और प्रदर्शनकारियों से इस घटना को साझा करने में जुट गए।

बार-बार अपील की जाने लगी कि समिति के महामंत्री का मोबाइल किसी के पास अगर गलती से चला गया हो या मिला हो तो वापस कर दें लेकिन यात्रा पूरी होने के बाद भी सफलता नहीं मिली।
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