भारत में रूसी राजदूत एलेक्सेंडर एम काडाकिन ने तमाम कूटनीतिक प्रोटोकॉल तोड़ते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के चरण स्पर्श किए। वह आडवाणी को उनके 85वें जन्मदिन पर बधाई देने पहुंचे थे।
रूसी राजदूत उन चुनिंदा लोगों में से एक थे, जो बृहस्पतिवार को सुबह-सुबह आडवाणी को बधाई देने उनके निवास पर पहुंचे। भारत से काफी जुड़ाव महसूस करने वाले रूसी राजदूत ने आडवाणी के साथ हिंदी में लंबी बातचीत की और उन्हें एक गणेश की मूर्ति भी भेंट की।
एलेक्सेंडर ने कार से उतरते ही पहले आडवाणी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और बाद में उनके पांव छूकर आशीर्वाद लिया। इस तरह के मामले कूटनीतिक सर्कल में कम ही देखने को मिलते हैं। विदेशी नेता या अधिकारी आमतौर हाथ मिलाने को ही तवज्जो देते हैं या फिर कुछ लोग हाथ जोड़कर नमस्ते कर भारतीय नेताओं से मिलते हैं।