भारतीय शिक्षा सलाहकार परिषद यानी कैब की बैठक में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के लिए जरूरी तैयारियों को पूरा करने की समय सीमा नहीं बढ़ाए जाने का फैसला किया गया है।
बैठक में बिहार, उत्तर प्रदेश व कुछ अन्य राज्यों ने जरूरी तैयारियों के पूरा न होने के कारण समय सीमा बढ़ाने की मांग बैठक में रखी थी। आज कैब की बैठक में कुल दस मुद्दों पर राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई।
बैठक में प्री-प्राइमरी शिक्षा तथा आरटीई को दसवीं कक्षा तक लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद फैसला लिया गया है कि इस विषय पर मंत्रालय विभिन्न राज्यों से बाद में विचार विमर्श कर जरूरी फैसला लेगा। बैठक में राज्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पेश की गई रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई।
मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने बैठक के बाद बताया कि राज्यों के विश्वविद्यालयों में सुधार के लिए संबंधित राज्यों से विस्तार से चर्चा किए जाने की जरूरत है। बैठक में जस्टिस जेएस वर्मा की शिक्षकों के प्रशिक्षण पर पेश की गई रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए कैब कमेटी ने फैसला लिया कि शिक्षकों की ट्रेनिंग व्यवस्था में बदलाव के लिए विभिन्न सुझावों पर अमल किया जाएगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के शिक्षा मंत्रियों ने प्राइमरी एजुकेशन खासकर आठवीं कक्षा तक आरटीई के तहत बच्चों को फेल न किए जाने का मुद्दा उठाया। इनका कहना था कि बच्चों की परीक्षा न लिए जाने तथा फेल न किए जाने की नीति के तहत शिक्षा की गुणवत्ता में भारी कमी आ रही है। उन्होंने इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की है।