राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आगामी 3 जनवरी को शिव शक्ति संगम के जरिए महाराष्ट्र के पुणे में अपनी ताकत दिखाएगा। अपनी ताकत दिखाने की कवायद में पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत के संघ की ओर से शिव शक्ति संगम नाम से एक दिवसीय महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
शिवसेना की ओर से रोजाना मिल रहीं सियासी धमकियों के बीच संघ की रणनीति अपने बूते भाजपा की राजनीतिक जमीन तैयार करने की है। इसलिए संघ ने अपनी ताकत तौलने का मैदान पश्चिम महाराष्ट्र को बनाया है। यह इलाका एनसीपी प्रमुख शरद पवार के मजबूत पहचान के रूप में माना जाता है। लेकिन संघ की रणनीति मराठा क्षत्रप के मैदान में भगवा रंग चढ़ाने की है।
इस कवायद में गांव-गांव में संघ को मजबूत बनाने की कोशिश चल रही है। ताकि समय आने पर इसका भाजपा को सियासी लाभ मिल सके। बताया जा रहा है कि शरद पवार के गढ़ में भगवा पैठ बढ़ाने के प्रयास में सतारा, सांगली, कोल्हापुर, अहमद नगर और ठाणे सरीखे जिलों में ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
संघ के कोंकण के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रमोद बापट ने अमर उजाला को कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शिव शक्ति संगम को लेकर समाज में कौतूहल है। एक दिन के इस शिविर में 1 लाख से ज्यादा स्वयं सेवक उपस्थित रहेंगे।