मुजफ्फरनगर में छेड़छाड़ को लेकर जाट कॉलोनी में पिटाई के बाद पुलिस हिरासत से छोड़े गए चार युवकों में एक दंगे का भी आरोपी है। खालापार के शातिर उस्मान पर गैंगेस्टर समेत पांच अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस-प्रशासन के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि आखिर छात्रों के साथ यह आरोपी वहां क्या करने गया था। फिलहाल उस्मान कोर्ट से जमानत पर बाहर है।
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शहर को सांप्रदायिक तनाव में झोंक देने वाले मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जाट कॉलोनी में भीड़ के हाथों पिटे युवकों में एक पर सात सितंबर 2013 को दंगे भड़काने का भी आरोप है। शहर कोतवाली में दंगे के मुकदमा अपराध संख्या 1169/13 में गुल्लर वाली गली निवासी उस्मान पुत्र यासीन का नाम एसआईटी की जांच में सामने आया था। शुक्रवार शाम छेड़छाड़ के प्रकरण में भी उस्मान ने सबसे ज्यादा भड़काउ रवैया अपनाया था। सिविल लाइंस थाने में पुलिस के सामने ही उसने अपने फटे कपड़े दिखाते हुए मजहबी आधार पर पिटाई का आरोप लगाया था। इसके बाद ही भीड़ गुस्साई थी।
हालांकि इस प्रकरण में देर रात पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों को छोड़ दिया था। खोजबीन में पता चला कि जिन छोड़े गए युवकों को छात्र बताया गया, उनमें शामिल उस्मान न केवल दंगे का आरोपी है, बल्कि उस पर गैंगेस्टर भी लगा है। उस्मान के खिलाफ अलग-अलग मामलों में पांच मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल वह जमानत पर है।
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सवाल यह है कि शातिर उस्मान छात्रों के साथ जाट कॉलोनी में आखिर किस उद्देश्य से गया था? एसपी सिटी श्रवण कुमार ने उस्मान की आपराधिक हिस्ट्री होने की पुष्टि करते हुए बताया कि दंगा भड़काने के मामले में भी शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1169/13 में जांच के दौरान उसका नाम प्रकाश में आया था। जिसमें उसे कोर्ट से जमानत मिल गई।
तनाव-टकराव के 24 घंटे बाद लौटा सौहार्द
जाट कॉलोनी में चार युवकों की पिटाई के बाद बिगड़े माहौल के प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। दिनभर की माथापच्ची, मैराथन बैठकें और दोनों पक्षों के अमन पसंद लोगों की पहल के चलते देर रात डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में लिखित में फैसला हो गया।
शुक्रवार शाम जाट कॉलोनी में खालापार के चार युवकों की पिटाई के बाद जिले में तनाव के हालात बन गए थे। दंगे का दंश झेल रहे मुजफ्फरनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए थे। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। शनिवार को डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी एचएन सिंह के समक्ष दोनों समुदाय के लोग अपना-अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे। दिनभर खालापार और जाट कॉलोनी में भी दोनों पक्षों की बैठकों का दौर चलता रहा। शाम के समय दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता मेरठ रोड स्थित डीएम आवास पर शुरू हुई।
डीएम कौशलराज शर्मा, एसएसपी एचएन सिंह, एडीएम प्रशासन इंद्रमणि त्रिपाठी के अलावा उदयवीर सिंह, उमेश मलिक, अशोक बालियान, धर्मवीर बालियान, जगदीश बालियान, विकास बालियान, राजबाला, पूर्व पालिकाध्यक्ष कपिलदेव अग्रवाल के अलावा असद जमां, गौहर सिद्दीकी, कारी जाकिर, आरिफ, हाजी सलीम, राशिद सिद्दीकी और कारी जाकिर शामिल हुए। लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों अपनी-अपनी तहरीर वापस लेने पर सहमत हो गए। लिखकर दिया गया कि दोनों पक्ष कोई कार्रवाई नहीं चाहते। करीब 24 घंटे तक चले तनाव और टकराव के मामले में समझौता हो जाने से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
सब बोले, बच्चों को समझाओ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोगों ने कहा कि जिला दंगा झेल चुका है। छोटी-छोटी बातों पर लड़ना-झगड़ना सही नहीं है। बच्चों को समझा-बुझाकर रखना जरूरी है। जिस भी व्यक्ति से चूक हुई है, वह खुद अपनी गलती को सुधारे और भविष्य में इस तरह का कोई कार्य न करें, जिससे जिले का माहौल खराब हो।
मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में शुक्रवार की रात को मलिकपुरा के एक ग्रामीण ने शराब पीकर गाली-गलौज कर दी, जिसको लेकर दूसरे समुदाय के लोग एकत्र हो गए। गांव में गाली-गलौच और शांति व्यवस्था भंग करने को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। गांव की शांति समिति के सदस्यों ने थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी है।
मलिकपुरा में 28 अगस्त को सचिन-गौरव की पुण्यतिथि का कार्यक्रम शांतिपूर्वक सम्पन्न हुए एक दिन का समय भी नहीं बीत सका था कि शुक्रवार की रात करीब आठ बजे मलिकपुरा के एक ग्रामीण ने शराब पीकर गाली-गलौज की। गाली गलौच को लेकर दूसरे समुदाय के लोग एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों का कहना था कि ग्रामीण ने शराब पीकर जानबूझ कर गालियां दी हैं। इस बात को लेकर गांव के दूसरे समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत किया। गांव में बनी दोनों समुदाय के लोगों की शांति समिति के सदस्यों ने आरोपी के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दे दी है।
ग्राम प्रधान कहिन प्रधान महेंद्र सिंह सैनी का कहना है कि मलिकपुरा के ग्रामीण ने शराब पीकर गांव के माहौल का खराब करने की कोशिश की थी। गांव में भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसलिए शांति समिति के सदस्यों की ओर से थाने में तहरीर दे दी गई है।
सीओ कहिन सीओ मुकेश चंद्र मिश्र का कहना है कि उनके संज्ञान में है कि कवाल में ग्रामीण ने शराब पीकर गाली गलौच की थी। जांच पड़ताल कराने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।