राष्ट्रीय शूटर तारा शाहदेव से मिलता-जुलता मामला कानपुर शहर के बाबूपुरवा क्षेत्र में हुआ है। यहां की एक नाबालिग छात्रा को नाम बदलकर एक युवक ने अपने जाल में फंसाया और निकाह कर लिया। छात्रा का आरोप है कि उसका धर्म, जाति और नाम तीनों जबरन बदल दिए गए। जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। खास बात यह है कि यह छात्रा तारा की तरह राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है। बस फर्क इतना है कि तारा शूटर है और यह छात्रा टेबिल टेनिस खेलती है।
14 वर्षीय यह छात्रा बाबूपुरवा में अपने मामा के घर में रहती है। इसका अपना घर यशोदा नगर में हैं। पिता टेंपो चालक हैं। छात्रा किदवई नगर के एक गर्ल्स कालेज में इंटर में पढ़ती है। 16 अगस्त को वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। छात्रा के पिता ने 18 अगस्त को बेटी की गुमशुदगी की तहरीर बाबूपुरवा थाने में दी। पुलिस ने पहले तो एफआईआर नहीं लिखी।
अफसरों के दबाव में गुमशुदगी दर्ज कर ली। परेशान परिवार के लोग 26 अगस्त को डीआईजी आरके चतुर्वेदी से मिले। डीआईजी के कहने पर पुलिस हरकत में आई। बाबूपुरवा पुलिस ने उसे मात्र 30 मिनट में ढूंढ निकला। पुलिस ने छात्रा को बरामद करने के बाद आरोपी वसीम को भी गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे हुई थी मुलाकात
छात्रा टेबिल टेनिस की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है। साथ ही एनसीसी कैडेट भी है। करीब छह महीने पहले एनसीसी के टूर पर गई थी। इसी दौरान बाबूपुरवा के ढकनापुरवा निवासी वसीम से उसकी मुलाकात बस में हुई। वसीम उस बस का कंडक्टर था। सफर के दौरान बातचीत में वसीम ने छात्रा से उसका मोबाइल नंबर ले लिया। टूर से वापस लौटने के बाद वसीम ने उसे फोन किया। कहा कि वह उसकी बिरादरी का है। उसने अपना नाम राजा बताया। इसके बाद कुछ दिनों तक दोनों में बातचीत और मुलाकात का सिलसिला चला। फिर वसीम ने मोबाइल पर बात करना बंद कर दिया।
करीब तीन महीने बाद वसीम ने छात्रा को फिर फोन किया। इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा। वसीम ने इस बार अपनी बहन की छात्रा से मोबाइल पर बात कराई। बहन ने भी अपना नाम रानी बताया। यह भी कहा कि वह भी उसी बिरादरी है, जिस बिरादरी की वह है। वसीम से राजा बने आरोपी ने छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। इसके बाद कालेज गेट के बाहर से 16 अगस्त को उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। वसीम नाबालिग छात्रा को ढकनापुरवा अपने घर ले गया। वहां पहुंचने पर छात्रा को राजा की असलियत का पता चला। मालूम हुआ कि राजा का असली नाम वसीम है। वह उसकी जाति-बिरादरी का नहीं है। इस पर छात्रा ने विरोध किया तो वसीम के घरवालों ने उसे बंधक बना लिया।
18 अगस्त को किया निकाह
वसीम ने छात्रा का धर्म, जाति और नाम बदलवा दिया। इसके बाद 5100 रुपये मेहर की रकम तय करके काजी से निकाह पढ़वा लिया। उससे जबरदस्ती निकाह के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए गए। जब उसने घर जाने की जिद की तो वसीम उसे किसी अनजान जगह पर ले गया। वहां नदी किनारे उसे बंधक बनाकर रखा गया। निकाह के बाद 18 अगस्त को ही छात्रा ने अपने पिता को फोन कर खुद को मुसीबत में फंसे होने की जानकारी दी थी। पिता ने बाबूपुरवा पुलिस को वह मोबाइल नंबर दिया था जिससे छात्रा का फोन आया था पर पुलिस ने कुछ नहीं किया।
कोर्ट में हुए बयान
बरामदगी के बाद छात्रा ने पुलिस को आप बीती सुनाई। पुलिस ने बयान के लिए उसे कोर्ट में पेश किया। मजिस्ट्रेट के सामने छात्रा ने वसीम के फरेब की पूरी कहानी बयां की। उसने प्रेमजाल में फंसाए जाने से निकाह तक की पूरी करानी सिलसिलेवार सुनाई। यह भी कहा कि वसीम से उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध भी बनाए हैं।
बयान के बाद बढ़ गई धाराएं:
बाबूपुरवा पुलिस ने पहले इस मामले को साधारण बहला-फुसलाकर भगा ले (आईपीसी की धारा 363, 366) में दर्ज किया था। छात्रा को कलम बंद बयान के बाद आरोपी वसीम के खिलाफ बलात्कार और पाक्सो की धाराएं एफआईआर में बढ़ा दी। मामले की जांच सबइंस्पेक्टर बब्बू सिंह कर रहे हैं।
बाबूपुरवा के थानाध्यक्ष अजय राज वर्मा ने बताया कि छात्रा और वसीम के निकाह के कागज मुझ तक नहीं आए हैं। ऐसे में धर्म और नाम बदलने के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है।
रेंज के डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रा के परिवार वाले मुझसे मिले थे। मेरे फटकारने के बाद बाबूपुरवा पुलिस ने आधे घंटे के भीतर छात्रा को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले लव जेहाद का है या नहीं। इसकी जांच के लिए सीओ बाबूपुरवा पवित्र मोहन को आदेश दिए हैं।