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हाल-ए-बनारस, वादों के मुताबिक नहीं नजर आ रहा काम

Wed, 22 Apr 2015 12:58 PM IST
रोहित चतुर्वेदी / अमर उजाला वाराणसी।
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भाजपा नेता चाहे जितना बड़ा दावा क्यों न करें लेकिन चुनिंदा घाटों पर आधे घंटे फ्री वाईफाई, नि:शुल्क शव वाहन और कैंट रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी की सुविधा को ही अभी काशी की जनता सांसद नरेंद्र मोदी की प्रमुख देन मान रही है। आम शहरी की नजर में एक साल में ज्यादा कुछ नहीं हुआ है। अगर हुआ भी तो दिख नहीं रहा है। विकास की ज्यादातर योजनाएं अभी फाइलों में ही हैं।
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हालांकि रवींद्रपुरी स्थित पीएम के जनसपंर्क कार्यालय का दावा है कि अगले पांच साल में बनारस की तस्वीर काफी कुछ बदल जाएगी। चौड़ी सड़कें, साफ-सुथरा शहर और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। पर्यटन, कुटीर उद्योग में बदलाव साफ दिखेगा। खुद मोदी भी साल भर में तीन दफा अपने क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं।

सांसद निधि का पूरा पैसा खर्च करने के अलावा उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये दिए हैं। एक हजार करोड़ रुपये कार्यदायी एजेंसियों को भी मिल चुके हैं। बनारस में केंद्रीय योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्यों की निगरानी चंदौली के सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय कर रहे हैं।
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जबकि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत आराजी लाइन ब्लॉक के गांव जयापुर (गोद लिए गांव) में विकास की निगरानी नवसारी (गुजरात) के भाजपा सांसद सीआर पाटिल कर रहे हैं। पहले साल मोदी का ज्यादा फोकस शहर की सफाई, यातायात और बिजली आपूर्ति सुधारने पर रहा है।
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जिसकी बुनियाद रखी, वही नहीं हुआ तामील

मोदी ने 07 नवंबर 2014 को लालपुर में 250 करोड़ रुपये की ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की बुनियाद रखी। दो साल में इसे पूरा होना है लेकिन काम शुरू ही नहीं हुआ। बुनकरों का कस्टमर कॉमन सेंटर और टेस्टिंग लेबोरेटरी का भी कहीं पता नहीं।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बजट में मालवीय चेयर फॉर रेलवे टेक्नोलॉजी और 25 दिसंबर 2014 को पीएम ने पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग (900 करोड़) की घोषणा की लेकिन अभी फाइलों में ही है। बीएचयू में अंतर विश्वविद्यालयीय केंद्र का भी कोई खाका सामने नहीं आया। उमा भारती ने अक्टूबर में 300 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। तीन साल में इसे पूरा होना है लेकिन अभी काम ही शुरू नहीं हुआ।

ये है योजनाओं की स्थिति
•हस्तशिल्पियों, बुनकरों को 250 करोड़ की सौगात, 50 करोड़ रुपये की किस्त मिली
•रेलवे स्टेशनों कासुधार (325 करोड़ रुपये), 50 करोड़ किस्त जारी
•शहरी विकास योजना (95 करोड़), 15 करोड़ की पहली किस्त जारी
•पर्यटक स्थलों का जीर्णोद्धार (195 करोड़ ), डीपीआर तैयार
•बिजली आपूर्ति में सुधार (ग्रामीण इलाकों में 500 और शहरी इलाके 350 करोड़ रुपये) की योजना
•गंगा में जल परिवहन का केंद्र, (90 करोड़), टर्मिनल बनाने का काम शुरू। कैथी में बनेगा बंदरगाह
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