‘दुर्गाशक्ति नागपाल-आईएएस’ नामक फेसबुक पेज से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।
खनन माफिया पर कार्रवाई को लेकर हुए निलंबन के बाद बने इस पेज पर अखिलेश और दुर्गाशक्ति नागपाल की तस्वीर साथ में पोस्ट कर राय मांगी गई है कि कौन ईमानदार है। इसके अलावा कार्टून के माध्यम से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी हैं।
आईटी विशेषज्ञ बताते हैं कि आईटी एक्ट सेक्शन 66-ए के तहत यह साइबर क्राइम का मामला है।
पंजाब कैडर की आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल की आईएएस अभिषेक सिंह से शादी के बाद उत्तर प्रदेश में पहली तैनाती जनपद गौतमबुद्धनगर में एसडीएम के पद पर हुई। इस दौरान वे प्रशिक्षु आईएएस थीं।
जनपद के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद निलंबन लेकर वह सुर्खियों में रहीं और उत्तर प्रदेश में उनके समर्थकों की फौज खड़ी हो गई थी।