आगरा में कराए गए धर्म परिवर्तन के मामले ने उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति में भी सरगर्मी बढ़ा दी है। इस मुद्दे को गरमाता देख पुलिस और प्रशासन ने भी सख्त कार्रवाई का मन बना लिया है। इसी सिलसिले में धर्म परिवर्तन मामले के मुख्य आरोपी नंद किशोर वाल्मीकि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं इस मामले में एसएसपी ने नंदकिशोर पर 5000 का इनाम भी घोषित कर दिया है।
धर्म परिवर्तन का मुद्दा इतना ज्यादा गर्मा चुका है कि इसके चलते गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। इस मुद्दे पर सीधी बहस के बीच जहां विपक्ष ने इस काम के लिए सीधे तौर पर संघ पर निशाना साधा, वहीं संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष संघ को बदनाम करने की कोशिश न करे। गौरतलब है कि इससे पहले सदन में बोलते हुए कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि वो सीधे तौर पर किसी संगठन का नाम नहीं लेना चाहते हैं लेकिन, अगर रिकॉर्डों को देखें तो इसके पीछे आरएसएस का हांथ है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को मुस्लिम परिवारों के 387 सदस्यों की हिन्दू धर्म में वापसी कराई गई थी। लेकिन मुसलमान से हिन्दू बनने के एक दिन बाद ही दो व्यक्तियों ने बजरंग दल के लोगों पर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। यह मुद्दा इतना ज्यादा गर्मा गया कि बुधवार को सदन में सरकार सीधे तौर पर विपक्ष के निशाने पर आ गई।