प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क क्षेत्र से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
सूत्रों ने बताया कि सचिवों के साथ बैठक में पीएम ने कहा कि ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त कर उनकी पेंशन काटी जाए। पीएमओ ने एक बयान में बताया कि उन्होंने सभी सचिवों से कहा है कि वे शिकायतों की तत्काल शीर्ष स्तर पर निगरानी के लिए एक व्यवस्था बनाएं।
प्रधानमंत्री ने ये निर्देश वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रगति (प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन) की नौवीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान दिए। यह एक आईटी आधारित मल्टी मोडल प्लेटफॉर्म है, जिसके तहत वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न केंद्रीय विभागों और राज्य सरकारों के शीर्ष अधिकारियों से संवाद करते हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की बैठक की अध्यक्षता
बैठक के दौरान मोदी ने कई राज्यों में सड़क, रेलवे, कोयला, बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में फैली महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसमें महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं।
पीएम ने जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की उसमें मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी) और इलाहाबाद से हल्दिया के लिए जल मार्ग विकास परियोजना शामिल है।
प्रधानमंत्री ने उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की और इस बात की जरूरत पर जोर दिया कि लाभार्थियों को समय पर भुगतान मिले।