फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'अल्पसंख्यकों पर हमले रोकने में केंद्र सरकार नाकाम'

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले रोकने में नाकाम रही है और सिविल सोसाइटी समूहों पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए। यह आरोप बुधवार को विश्व की दो प्रमुख मानवाधिकार समूहों ने लगाए हैं। ह्यमन राइट्स वाच ने 659 पेज की रिपोर्ट जारी की है।
विज्ञापन


ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडब्ल्यू) और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने विदेशी फंडिंग बंद कर और एनजीओ और एक्टिविस्टों को निशाना बनाने का दावा करते हुए भारत सरकार की आलोचना की है।

ह्यूमन राइट्स वाच ने 2016 की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले रोकने में नाकाम रही है।
विज्ञापन


अपनी 659 पेज की रिपोर्ट में एचआरडब्ल्यू ने कहा है कि भारत में विदेशी फंडिंग पर रोक लगा दी गई और सिविल सोसाइटी समूहों पर प्रतिबंध बढ़ा दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
विज्ञापन

ह्यमन राइट्स वाच ने अपनी रिपोर्ट में किया दावा

एचआरडब्ल्यू दक्षिण एशिया की निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा कि असहमति पर शिकंजा कसकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भारत की पुरानी और समृद्ध परंपरा को भारत सरकार ने नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने कहा कि अथॉरिटी को इनकार और प्रतिशोध की बजाय सहिष्णुता और शांतिपूर्ण चर्चा को बढ़ावा देना चाहिए और जो लोग हिंसा पर उतारू हैं या इसे बढ़ावा दे रहे हैं उन पर मुकदमा करना चाहिए।

इसी तरह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह एक्टिविस्टों और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें