भारतीय रिजर्व बैंक ने मूल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन साथ ही आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती किए जाने की संभावनाओं से इनकार भी नहीं किया है।
इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सुस्त आर्थिक विकास की दर और मुद्रास्फीति में ताजा कमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक हस्तक्षेप कर सकता है।
रिजर्व बैंक कह चुका है कि केंद्र की मोदी सरकार ने निवेश को बढाने के लिए कई उपाय किए हैं, लेकिन आर्थिक विकास को गति देने के लिए और बहुत कुछ करना होगा। इस पर पेश है सरकार की अर्थनीति बारे में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन से खास बातचीत।
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास की दर का लक्ष्य 5.5 प्रतिशत निर्धारित किया है। क्या आर्थिक विकास को गति देने के लिए मोदी सरकार ने पर्याप्त कदम उठाए हैं, इस सवाल पर रघुराम राजन का कहना था, "मुझे लगता है कि सरकार ने काफी कदम उठाए हैं और उठा रही है।"
वो कहते हैं, "आर्थिक विकास को और गति देने के लिए तीन या चार क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है- ऊर्जा, खनन, भूमि अधिग्रहण और बडी निवेश परियोजनाएं जैसे रेलवे। इन चारों क्षेत्रों में सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं।"
"कुछ अन्य काम भी किए जा रहे हैं जिनका प्रभाव लंबे अंतराल में दिखेगा जैसे व्यवसाय के अनुकूल माहौल बनाना, श्रम कानूनों में बदलाव की कोशिश करना और कर प्रबंधन।"