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जानिए क्या कुछ होगा सस्ता, कितना मिलेगा फायदा?

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रेपो दर में कमी से व्यावसायिक बैंकों के लिए रिजर्व बैंक से धन उधार लेना सस्ता होगा और वे इस फायदे को उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए कुछ प्रमुख सरकारी बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर दी है।
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इस कटौती का सबसे ज्यादा फायदा उद्योग जगत को मिलने की संभावना है। वे लगातार महंगे कर्ज की वजह से मांग में कमी की शिकायत करते रहे हैं।

आरबीआई के तोहफे से उछला बाजार
- सेंसेक्स 729 अंक की बढ़त के साथ 28,075 अंक पर बंद
- बीएसई की बाजार पूंजी 100 लाख करोड़ रुपये के पार
- निफ्टी 217 अंक उछल कर 8,494 अंक पर बंद हुआ
- सेंसेक्स में शामिल 30 में से 28 शेयरों ने मुनाफा कमाया

ब्याज दर में आने लगी कमी

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने आधार ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। नए लोन लेने वालों के साथ-साथ पुराने लोन ग्राहकों को भी इसका ईएमआई में कमी के रूप में फायदा मिलेगा।

वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज और जमा पर ब्याज दरों में 50 आधार अंक या 0.50 फीसदी तक की कटौती की। बैंक बीएसई को दी जानकारी में कहा है कि बैंक आधार दर 10.25 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करेगा। नई दरें 27 जनवरी से से प्रभावी होंगी। बैंक ने विभिन्न श्रेणी की जमा दरों में 0.10 फीसदी से 0.50 फीसदी तक की कटौती की है।

अच्छा कदम
अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा कदम है। इससे देश में निवेश का माहौल अच्छा होगा। ब्याज कम होने से उपभोक्ताओं की जेब में अधिक रकम आएगी, जिसे वे खर्च कर सकेंगे।

मोदी को श्रेय
जयंत सिन्हा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ब्याज दर में कटौती का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक नेतृत्व को जाना चाहिए। मुझे लगता है कि यह नेतृत्व की शक्ति का परिणाम है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्री को मिलना चाहिए।

निर्मला सीतारमण, वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक का यह कदम कम ब्याज दरों वाले युग की शुरुआत है, जिससे उद्योगों को काफी प्रोत्साहन मिलेगा। ब्याज दरों में कटौती का यह फैसला अर्थव्यवस्था के लिए काफी उत्साहजनक है। महंगाई रोकने के लिए सरकार की तरफ से जो प्रयास किए गए थे, उसके परिणाम मिलने लगे है।

डीके जोशी, अर्थशास्त्री ने कहा कि अभी दरों में और कटौती होगी और यह 75 आधार अंक तक जा सकता है। दरों की इस कटौती से खपत पर मामूली फर्क पड़ेगा। अभी बहुत असर की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

सस्ते होंगे होम और कार लोन, घटेंगी ब्याज दरें

लंबे इंतजार के बाद आरबीआई ने बृहस्पतिवार को सस्ती ब्याज दरों की ओर कदम बढ़ाते हुए रेपो दर में अचानक चौथाई फीसदी की कटौती कर दी।

इस अप्रत्याशित कटौती से जहां देश के शेयर बाजार झूम उठे वहीं कर्ज का बोझ ढो रहे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। अब वाहन, आवास और शिक्षा सहित तमाम तरह के ऋणों के कुछ सस्ते होने का रास्ता भी साफ हो गया है। आरबीआई ने इससे पहले मई 2013 में रेपो दर में कटौती की थी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार सुबह रेपो दर में जब कटौती की घोषणा की तो बाजार विश्लेषकों ने इसे आश्चर्यजनक कदम बताया। अब रेपो दर आठ फीसदी से घटकर 7.75 फीसदी हो गई है।

हालांकि, रिजर्व बैंक ने सीआरआर में कोई कटौती नहीं की है। अगले महीने के शुरू में प्रस्तावित मौद्रिक समीक्षा नीति से पहले रेपो रेट में कमी से आपकी ईएमआई थोड़ी कम हो जाएगी।
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आरबीआई का बड़ा फैसला

इससे आवास, वाहनों, निर्माण और उपभोक्ता टिकाऊ आदि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा और आर्थिक विकास दर की रफ्तार को गति मिल सकेगी। हालांकि जानकार इस कटौती को सांकेतिक मान रहे हैं और आने वाले दिनों में दर में और कमी की संभावना जता रहे हैं।

उद्योग जगत के साथ-साथ सरकार भी ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रही थी, लेकिन रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने की बात कह कर इसे टालता रहा है।

वर्तमान में मुद्रास्फीति की दर शून्य फीसदी के करीब आ गई है, तो इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि फरवरी में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में दरें घटेंगी। ऐसा बहुत कम होता है कि मौद्रिक समीक्षा से पहले ब्याज दरों में कटौती हो। संकेत तो यह भी है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में दरों में अच्छी खासी कटौती होगी।
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