बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली गैंगरेप मामले से सीख लेने की अपील करते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों से कहा है कि कि वे चुनाव में बलात्कारियों या अपराधियों को टिकट न दें।
मायावती ने कहा कि उन्हें संतुष्टि है कि दिल्ली गैंगरेप से देश जागा। लोगों की जमीर जागी लेकिन केंद्र के साथ-साथ राज्यों का रवैया अभी भी नहीं बदला। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मसले पर ठोस उपाय की पहल किए जाने की वकालत की है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से बात करके रेप और महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़नों में जल्द से जल्द सजा दिलवाने का प्रयास करना चाहिए। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री ने पीड़िता के नाम पर कानून बनाने की मांग की है। यदि पीड़िता के घर वाले राजी हों तो सर्वदलीय बैठक बुलाकर इसमें निर्णय लिया जा सकता है।
इसके साथ ही मायावती ने प्रदेश की अखिलेश सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि अखिलेश यादव सरकार में 48 में से 26 मंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। मायावती ने कहा कि सपा सरकार में चोरी, डकैती, बलात्कार और सांप्रदायिक घटनाएं चरम सीमा पर रहीं। किसी दूसरे शासन में इतने कम समय में इतने दंगे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बलात्कार की ही केवल 1500 घटनाएं हुईं और 60 फीसदी पीड़ितों की तो रिपोर्ट ही नहीं दर्ज हुई।