आगरा के सांसद और मानव संसाधन राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया अपने एक विवादित बयान के चलते फंसते नजर आ रहे हैं। रविवार को विहिप नेता अरुण माहौर की श्रद्धाजंलि सभा में पहुंचे कठेरिया ने वहां बैठी भीड़ के बीच भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था कि ''आज अरुण माहौर की पत्नी और उसके बच्चे पूछ रहे हैं कि वो गाय बचाने जाते था गाय, काटने वाले कसयाइयों को रोकने के लिए पुलिस को सूचना देता था। मित्रों उसकी हत्या हो गई। हिंदू समाज के साथ जो षडयंत्र हो रहा है हमें उसे समझना होगा। उसे समझकर अपने आपको ताकतवर बनाना होगा। मित्रों हमें संघर्ष करना होगा, आज कोई एक अरुण गया है, कल कोई दूसरा अरुण जाएगा। मित्रों इससे पहले कि दूसरा अरुण जाए अरुण को पहुंचाने वाले ही चले जाएं ऐसा प्रबंध करना होगा।''
कठेरिया यहीं नहीं रुके, प्रशासन को चुनौती देने वाले अंदाज में कहा, ''प्रशासन समझता होगा मैं मंत्री हो गया हूं तो हाथ बंध गए हैं। पुलिस जब डंडा लेकर चलती थी तब हम लाठी लेकर चलते थे।''
बयान सामने आने के बाद पलटे कठेरिया
हालांकि मीडिया में यह बयान सामने आने के बाद कठेरिया बैकफुट पर आ गए उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैंने अपने भाषण में किसी तरह के भड़काऊ शब्दों का प्रयोग नहीं किया। मैंने केवल इतना ही कहा कि हिंदू समाज को संगठित होना चाहिए। बदला लेने या किसी समुदाय का नाम नहीं लिया। मेरे पास इस भाषण की सीडी है जिससे सारा सच सामने आ जाएगा।
बता दें कि विहिप नेता अरुण माहौर की कुछ दिन पहले आगरा में ही कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से आगरा में लगातार माहौल तल्ख बना हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी सख्त रवैया अपनाए हुए है, इसी वजह से अरुण माहौर को श्रद्धाजंलि देने के लिए आयोजित सभा को अरुण के गृहक्षेत्र मंटोला इलाके में नहीं होने दिया गया।
प्रशासन को आशंका थी कि हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों के एकत्र होने से कभी भी माहौल बिगड़ सकता है। जिसके बाद रामलीला ग्राउंड में सभा हुई, वहां आगरा के सांसद और केन्द्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया और फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल भी पहुंचे। वहीं फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची को रोकने की प्रशासन ने भरसक कोशिश की लेकिन वह बाइक पर बैठकर सभा स्थल पर पहुंच गई।
कठेरिया के बाद सांसद बाबूलाल ने भी दिया भड़काऊ बयान
दूसरी ओर अभी कठेरिया का बयान मीडिया में आते ही इस पर बवाल शुरू हो गया। संसद में हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा ऐसी बातें करके भाजपा और आरएसएस समाज को बांटना चाहते हैं।
वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कठेरिया को बर्खास्त करने की मांग की। इस मुद्दे पर चलते हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई।
विपक्षी दलों ने कठेरिया के इस बयान को देशद्रोह की परिधि में रखने की मांग की है। सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि उन्होंने अैर उनके कुछ साथियों ने जो बयान दिया वह बिल्कुल देशद्रोह की परिधि में आता है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर अभी कठेरिया के बयान पर मची तपिश से अभी भाजपा और सरकार संभली भी नहीं थी कि उस सभा में मौजूद रहे फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल ने इससे बढ़कर विवादित बयान दे डाला। कठेरिया के बयान पर जब बाबूलाल से बात की गई तो उन्होंने कह डाला, "हत्या का बदला हत्या से नहीं लेंगे तो और आरती उतारेंगे ऐसे लोगों की। हिंदू समाज क्या हत्या करवाने लिए ही है।"