प्रधानमंत्री बनने के बाद राजधानी दिल्ली में अपनी पहली रैली में नरेंद्र मोदी ने 2022 तक हर गरीब को घर दिलाने की बात कही। उन्होंने कोई बड़ा चुनावी वादा नहीं किया लेकिन आम आदमी पार्टी पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। अपने भाषण में मोदी ने कहा कि जैसे आप अपनी मोबाइल कंपनियां बदलते वैसे ही जल्द ही बिजली कंपनियां बदल सकते हैं।
मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए मैंने ऊपर से अभियान शुरू किया है। मैं उसे नीचे तक लाऊंगा। मोदी ने कहा कि 2022 तक दिल्ली हर गरीब को एक घर हो ये सपना है मेरा। मैंने बड़ा काम हाथ में लिया, लेकिन मैं इस सपने को पूरा करूंगा।
मोदी ने कहा कि ये झूठ फैलाया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 58 वर्ष कर दिया जाएगा, जबकि सरकार ऐसा सोच भी नहीं रही है। आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन्हें धरने करने और रास्ता रोकने में मास्टरी है, उन्हें वो काम दीजिए।
मोदी ने कहा कि दिल्ली की जनता की बुद्घि बहुत तेज है, वह सही व्यक्ति को चुनेगी। उन्होंने कहा कि आपने ऐसा कोई नेता देखा है जो खुद कहे कि मैं एनार्किस्ट हूं। उन्होंने कहा कि जो एनार्किस्ट हैं, वे जंगलों में जाकर नक्सलों के साथ राजनीति करें। मोदी ने कहा दिल्ली का समाज सभ्य समाज है, यहां ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है।
मोदी ने की जनधन योजना की तारीफ
जनधन योजना की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि जिस देश में एक करोड़ खाते खोलने में एक साल लगते थे, वही खाते चंद महीनों में खोल लिए गए। जनधन योजना के खातों से 8500 करोड़ रुपए बैंकों में जमा हुए।
मोदी ने कहा दिल्ली में लगभग 20 लाख खाते खोले गए। गरीबों की बातें करने वाली सरकारों ने भी उन्हें बैंकिंग सेवाओं से दूर रखा। मोदी ने कहा कि गरीबों की भलाई के लिए उन्हें आकस्मिक बीमा दिया गया।
मोदी ने कहा कि संसद में दिए अपने पहले भाषण में ही मैंने ये कहा कि ये सरकार गरीबों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को 24 घंटे बिजीली देने का वादा है। मोदी ने कहा कि झूठे वादे करके गरीबों का भला नहीं होता, उसके लिए ठोस योजना होनी चाहिए।
नायडू की तारीफ के जरिए पिछली सरकार पर निशाना
रामलीला मैदान में कड़ाके की ठंड में भी भारी भीड़ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के स्वागत से किया।
केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू के जरिए शीला दीक्षित सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2002 के बाद न जाने कैसे सरकार चली है, सैकड़ों मुद्दों पर फैसला ही नहीं लिया गया।
मोदी ने कहा कि वैंकेया नायडू पिछले सात महीनों में दिल्ली के कई मसलों पर तेजी से फैसला लिया। उन्होंने कहा कि मुझे ये देखकर अचरज हुआ कि वैंकेया को जितनी जानकारी हैदराबाद या विजयवाड़ा की है उतनी ही जानकारी दिल्ली की है। वैंकेया नायडू के तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि काम करने का नीयत हो तो काम किया जा सकता है। नारे देने से काम नहीं चलता।
रामलीला मैदान में भाजपा के कई दिग्गज
विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले रामलीला मैदान की रैली के जरिए भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, हर्षवर्धन, जीतेंद्र सिंह समेत भाजपा के कई सांसद और नेता मंच पर मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने रैली में कहा कि दिल्ली देश का दिल है। भारत के सभी हिस्सों से आकर लोग यहां रह रहे हैं। भाजपा दिल्ली के विकास के लिए प्रतिबद्घ हैं।
रैली में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का अभिनंदन किया।
रैली के जरिए भाजपा कर रही शक्ति प्रदर्शन
रामलीला मैदान की रैली को भाजपा का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। भाजपा ने लोकसभा चुनावों के बाद पिछले वर्ष महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनावों कें जीत दर्ज की थी। जम्मू-कश्मीर में दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी।
रैली में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया है। दिल्ली के सभी भाजपा नेताओं समेत राजधानी के सातों लोकसभा सीटों के सांसद भी मंच पर मौजूद हैं। हाल में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेशों के मुद्दे सफाई देते हुए भाजापा की सांसद मीनाक्षी लेखी ने रैली में कहा कि राज्यसभा में भाजपा की संख्या कम होने के कारण सरकार को अध्यादेश का रास्ता चुनना पड़ा है।
दिल्ली के एक अन्य सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मैं बनारस में हारूं या जीतूं लेकिन वहां के लोगों की सेवा करता रहूंगा। आज बनारस के लोग केजरीवाल को ढूंढ़ रहे हैं। तिवारी ने कहा कि केजरीवाल को ऑटो पर पोस्टर लगवाने को शौक है, उन्हें हिम्मत है तो वे मेरा पोस्टर ऑटो पर लगवाकर दिखाएं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी दिल्ली में पहली रैली
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार राजधानी दिल्ली में रैली कर रहे हैं। रैली के बाद राजधानी में विधानसभा चुनावों का घमासान और अधिक तीखा होना तय है।
मोदी की रैली को भाजपा का चुनावी शंखनाद भी माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी जनसभाओं के जरिए चुनावी संग्राम में कमर कस कर उतर चुकी है। कांग्रेस भी चुनावी तैयारियां में तेजी से जुटी हुई।
चुनाव आयोग के 15 फरवरी से पहले दिल्ली में चुनाव समेटने की तैयारी में है। अगले सप्ताह चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। ऐसे में ये तय है कि अगला एक महीना राजधानी के लिए गर्माहट भरा होगा। ये अलग बात है कि पारा लगातार गिर रहा है और ठंड बढ़ती जा रही है।
माना जा रहा है कि आज की रैली में दिल्ली के वोटरों को लुभाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी कई घोषणाएं भी कर सकते हैं।
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की उठी मांग
मोदी की रैली के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर अभियान चला रखा है। शुक्रवार को पार्टी ने ट्विटर पर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। पार्टी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य देने का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को टि्वटर पर कहा कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात कही थी। क्या वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की घोषणा कर रहे हैं या जैसे उन्होंने अन्य मुद्दो पर यू टर्न ले लिया इस मुद्दे पर यू टर्न ले लेंगे।
रामलीला मैदान में रैली के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मैदान के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है। मैदान के बाहर ढेरों होर्डिंग और पोस्टर लगे हैं। ऐसे होर्डिंग भी लगे हैं, जिन पर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की गई है।