'विकासशील समाज अध्ययन पीठ' (सीएसडीएस) के संस्थापक और राजनीतिक विचारक रजनी कोठारी का सोमवार सुबह निधन हो गया। वो 85 वर्ष के थे।
रजनी कोठारी की पहचान देश के प्रमुख राजनीतिक जानकार, शिक्षाविद और लेखक के तौर पर रही है। उन्होंने भारतीय राजनीति के सिद्धांतों को पेश करने में अहम योगदान किया है।
1963 में उन्होंने सीएसडीएस की स्थापना की। यह दिल्ली में स्थित समाज विज्ञान और मानविकी से सम्बन्धित अनुसंधान का संस्थान है। इसके साथ-साथ उन्होंने 1980 में 'लोकायन' नाम के संस्थान की भी स्थापना की।
देश के सियासी माहौल, दलीय प्रणाली के अध्ययन में कोठारी ने कई खास बातें कही हैं। द्विदलीय और बहुदलीय प्रणालियों की प्रचलित व्याख्याओं से अलग हट कर उन्होंने भारतीय दलीय प्रणाली की एक पार्टी के वर्चस्व वाली प्रणाली के रूप में मौलिक व्याख्या की। साथ ही कांग्रेस को प्रचलित परिभाषाओं के तहत एक राजनीतिक दल के रूप में देखने के बजाय इसे ‘प्रणाली’ के रूप में पेश किया।
आगे चलकर कोठारी ने गैर-दलीय राजनीति के सिद्धांतों को भी सामने रखा। कोठारी एक बड़े रचनाकार रहे। 1969 में उनकी पहली पुस्तक 'पॉलिटिक्स इन इण्डिया' प्रकाशित हुई। ये पुस्तक भारतीय राजनीति को समझने का तर्कपूर्ण मॉडल पेश करती है।