2जी स्पेक्ट्रम मामले के प्रमुख आरोपी और पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने बतौर गवाह पेश होना चाहते हैं। उन्होंने शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार से मुलाकात कर अपनी यह इच्छा जताई।
इससे पहले जेपीसी में डीएमके के सदस्य टीआर बालू और टी शिवा भी राजा को गवाही के लिए बुलाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने समिति के चेयरमैन पीसी चाको से कहा था कि राजा गवाही देना चाहते हैं। हालांकि चाको दूरसंचार मंत्रालय से जुड़े किसी भी मौजूदा या पूर्व मंत्री तथा इस मामले के अन्य आरोपियों को गवाही के लिए बुलाने के पक्ष में नहीं हैं।
पूर्व मंत्री के तौर पर राजा को बुलाने पर अन्य वित्त व पूर्व टेलीकॉम मंत्रियों को भी बुलाने की मांग तेज हो सकती है। समिति के सदस्य व दो पूर्व वित्तमंत्री जसवंत सिंह और यशवंत सिन्हा भी बतौर गवाह पेश होने की पेशकश कर चुके हैं।
चाको इस मामले के दोषियों को भी बुलाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि मामला अदालत में है और ऐसे में उनसे पूरी बात निकलवा पाना आसान नहीं होगा। इसलिए राजा की यह इच्छा पूरी होने के आसार बहुत कम हैं। चाको कह चुके हैं कि वे समिति के सभी सदस्यों के साथ चर्चा करने के बाद ही राजा पर कोई फैसला करेंगे।
ए राजा के बतौर गवाह पेश होने के अनुरोध पर जेपीसी फैसला लेगी। इस तरह के अनुरोध को स्वीकार करने का अधिकार जेपीसी को है। कमेटी अपने फैसले पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से लेती है।- राशिद अल्वी, कांग्रेस प्रवक्ता